
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
बिहार सरकार के निर्देशानुसार पूर्वी चम्पारण जिले में जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु सहयोग शिविर का आयोजन प्रारंभ किया जा रहा है। यह प्रक्रिया 19 मई 2026 (मई के तृतीय मंगलवार) से प्रारंभ होगी और प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायतवार आयोजित की जाएगी। दिन एवं पंचायत की सूची सभी के साथ साझा की जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक सप्ताह सोमवार एवं शुक्रवार को ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी निर्धारित स्थल पर उपस्थित रहकर नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे।
समाहरणालय स्थित डॉ राजेंद्र प्रसाद सभागार में आज जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के साथ बैठक कर “सहयोग शिविर” की जानकारी दी। साथ ही इसके आयोजन को लेकर सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर लेने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन शिविरों का आयोजन पंचायत सरकार भवन या उसके निकट किसी सार्वजनिक स्थल पर किया जाएगा। जहां आम नागरिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शिविर की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी या जिला स्तरीय बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी करेंगे। प्रत्येक शिविर में राजस्व, भूमि सुधार एवं अंचल स्तर के पदाधिकारी अपने न्यायालय में लंबित एवं निष्पादित वादों की सूची भी प्रदर्शित करेंगे, ताकि आमजन को अपने मामलों की स्थिति की जानकारी सहज रूप से मिल सके।
जिले के नागरिक शिविर से 30 दिन पूर्व ही अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों का निराकरण संबंधित अधिनियमों एवं योजनाओं में निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत किया जाएगा तथा आवेदक को लिखित सूचना दी जाएगी। सभी शिकायतों को शिविर संवाद समाधान पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा एवं Real Time Monitoring System के माध्यम से उनकी सतत् निगरानी की जाएगी, जिससे शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। शिविर की तिथि से पहले उस पंचायत के सभी आवेदनों का निष्पादन अनिवार्य होगा।
इन शिविरों में केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी आमजन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा अधिकाधिक शिविरों का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा तथा शिकायतों के निराकरण में संतोषजनक कार्य न करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध समुचित ढंग कार्रवाई की जाएगी। राज्य स्तर पर भी सहयोग शिविर का आयोजन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
सहयोग शिविर सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करेगा तथा “सबका सम्मान जीवन आसान” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा।
