
बसपा सुप्रीमो के इस क़दम से सहारनपुर की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है।
रिपोर्ट वैभव गुप्ता।
रामपुर मनिहारान नगर पंचायत चुनाव में बसपा प्रत्याशी श्रीमती रेनू बालियान ने चमत्कारिक रूप से जीत हासिल की थी।इस का श्रेय रेनू बालियान के पति कुलदीप बालियान और उनकी टीम को मिला जिन्होंने न केवल बसपा के मूल मतदाताओं को एकजुट किया बल्कि सर्वसमाज में गहरी पैठ बनाई।चुनाव जीतने के बाद रेनू कुलदीप बालियान ने विकास कार्यो में कोई कोताही नहीं की और जनता की उम्मीदों पर खरे उतरते दिखाई दिए।यहाँ तक कुलदीप बालियान के समर्थक कुलदीप बालियान को विधायक बनाने के बारे में बातें करने लगे और धीरे धीरे यह चर्चा सभी जगह फैल गई।किसी कारण से इन्हें पार्टी से निष्कासित किए जाने की खबरें चलीं।लेकिन कुलदीप बालियान अपनी विचारधारा से नहीं हटे और बसपा को ही समर्पित रहे।
शुक्रवार को आश्चर्जनक रूप से कुलदीप बालियान व रेनू बालियान को दिल्ली बसपा सुप्रीमो मायावती के आवास पर बुलाया गया जहाँ न केवल दोनों की ससम्मान बसपा में वापसी कराई गई बल्कि कुलदीप बालियान के मेहनत लगन और उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए सहारनपुर मंडल का प्रभारी मनोनीत किया गया।
दिल्ली से लौट कर कुलदीप बालियान ने बताया कि वह बसपा सुप्रीमो बहन मायावती के आदेश पर दिल्ली गए थे जहाँ उन्हें बहनजी का आशीर्वाद मिला है।कुलदीप बालियान ने कहा कि हमारी पार्टी हित में की जा रही मेहनत में कोई कमी नहीं आई है।अब सभी को साथ लेकर और ज़्यादा मेहनत की जाएगी।उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के परिणाम चोंकाने वाले होंगे।बसपा सुप्रीमो यूपी की मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं।
