
– सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन के सीलिंग पैनल से भरभरा कर गिरी 40 शराब की बोतलें
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
बिहार के पूर्वी चंपारण में जहां देसी जहरीली शराब ने दो दिनों में मौत का तांडव नृत्य कर रखा है। वहीं आज शराब तस्करी का एक और नयाब तरीका स्वत: उजागर हो गया है। जिससे यह साबित हो रहा है कि बिहार में पुलिस डाल डाल तो शराब के धंधेबाज पात पात वाली कहावत चरितार्थ करते हुए नये नये तरीके तस्करी को अंजाम दे रहे हैं।
इसका ताजा मामला शुंक्रवार को आनंद बिहार से रक्सौल आने वाली 15274 नंबर की सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन से सामने आया। जिसका वीडियो और फोटो खुब वायरल हो रहा है। जिसमें एस – 4 के वाशरुम के बाहर लगे सिलिंग पैनल से शराब की करीब 40 बोतलें भरभरा कर नीचे गिरने लगी और रेल यात्रियों में अफरातफरी मच गई। यह घटना गोरखपुर से ट्रेन खुलने के बाद दोपहर के करीब साढ़े ग्यारह बजे पिपराइच एवं कप्तानगंज रेलवे स्टेशन के बीच हुई। उस समय ट्रेन दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से रक्सौल की ओर जा रही थी और उत्तर प्रदेश के पिपराइच स्टेशन से कप्तानगंज के बीच ट्रेन पहुंची थी। कोच संख्या एस-4 और एस-5 के बीच बाथरूम के ऊपर लगे सीलिंग पैनल से एक-एक कर 40 से अधिक अंग्रेजी शराब की बोतलें नीचे गिरीं। इस घटना से मौके पर यात्रियों की भीड़ जुट गई।

आशंका है कि दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनों के वाशिंग पिट में ही कोच के सीलिंग पैनल को खोलकर शराब रखी जाती है, जिसे बाद में बिहार में उतारा जाता है।
इस संबंध में रक्सौल आरपीएफ के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली है और ट्रेन के रक्सौल पहुंचने पर जांच की जाएगी। राजकीय रेल थाना के थानाध्यक्ष पवन कुमार ने भी जांच की पुष्टि की है। फिलहाल, इस मामले की जांच कप्तानगंज रेलवे पुलिस द्वारा की जा रही है।
