
डीएम- एसएसपी खुद क्षेत्र भ्रमण कर शिविर के सफल आयोजन का करेंगे निरीक्षण
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला से लेकर अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के अधिकारी हुए एक्टिव
माननीय मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सह जिला प्रभारी मंत्री तथा सचिव, जल संसाधन विभाग -सह- जिला प्रभारी सचिव भी सहयोग शिविर का करेंगे निरीक्षण

मुजफ्फरपुर
18 मई 2026
मुजफ्फरपुर जिले में आमजन की समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है है। पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले “सहयोग शिविर” के सफल, सुव्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख संचालन को लेकर जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय सभागार में प्रखंडवार एवं विभागवार समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में अनुमंडल, प्रखंड एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि शिविर तिथि से पूर्व प्राप्त सभी आवेदनों का न केवल नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाए बल्कि निष्पादन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें ताकि जनता की समस्याओं का वास्तविक निवारण हो। शिविर स्थल पर ही आवेदकों को सेवा अथवा निष्पादन की सूचना उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि “सहयोग शिविर” केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक विभाग को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
जिले की 373 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रथम चरण में 19 मई को जिले की 23 पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। इसके लिए अब तक कुल 8008 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश देते हुए कहा कि शिविर के दिन संबंधित पंचायत का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविर में आने वाले लोगों को पूर्व में दिए गए आवेदनों की सेवाएं उसी दिन उपलब्ध कराई जाएंगी।
शिविर कैलेंडर: कब , कितने शिविर लगेंगे

19 मई को 23 पंचायतों में, 2 जून को 23 पंचायतों में, 16 जून को 23 पंचायतों में, 30 जून को 23 पंचायतों में, 7 जुलाई को 47 पंचायतों में, 21 जुलाई को 47 पंचायतों में, 11 अगस्त को 47 पंचायतों में, 25 अगस्त को 47 पंचायतों में, 8 सितंबर को 47 पंचायतों में तथा 22 सितंबर को 46 पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर इन शिविरों का आयोजन होगा।
19 मई को यहां लगेंगे कैंप
19 मई को जिन पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे उनमें बंदरा प्रखंड का बंदरा पंचायत, गायघाट का बरूआरी, कुढ़नी के सुमेरा एवं खरौनाडीह, मीनापुर का धरमपुर, मोतीपुर के महमदपुर महमदा एवं बांस घाट, मुरौल का मीरापुर, मुसहरी के जमालाबाद एवं झपहा, कांटी का वीरपुर, पारु का चांद केवारी, साहेबगंज का अहियापुर, सरैया के मधौल एवं दातापुर पंचभरिया, बोचहा का शर्मा, औराई के अतरार एवं मथुरापुर बुजुर्ग, मरवन का बड़का गांव उत्तरी, कटरा का हथौरी तथा सकरा के बाजी बुजुर्ग एवं सरमस्तपुर पंचायत शामिल हैं।
शिविर का उद्देश्य एवं प्लानिंग
शिविर का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर लोगों को सरकारी योजनाओं एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उनके दरवाजे तक पहुंचाना है। इसके तहत भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, मनरेगा, आपूर्ति तथा अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जाएगा। शिविर में विभागवार स्टॉल लगाए गए हैं तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करेंगे।
व्यापक प्रशासनिक तैयारी
शिविर के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर व्यापक प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। जिला एवं प्रखंड स्तर पर “सहयोग सेल” का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा प्राप्त आवेदनों की सतत मॉनिटरिंग करना है। पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था के माध्यम से लंबित मामलों की अद्यतन जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
शिविर संचालन के लिए 48 विभागों के 73 अधिकारियों का यूजर आईडी सृजित किया गया है। सभी अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन कर मामलों का शीघ्र निष्पादन कर उसकी स्थिति अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों को प्रखंड एवं जिला कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें और पंचायत स्तर पर ही उन्हें सभी सेवाएं सुलभ हो सकें।
सहयोग हेल्पलाइन एवं पोर्टल एक्टिव
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आम नागरिकों की सुविधा के लिए “सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100” तथा “सहयोग पोर्टल” sahyog.bihar.gov.in भी शुरू किया गया है। इसके माध्यम से लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं एवं सुझाव ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं तथा उनके निष्पादन की स्थिति की प्रभावी निगरानी की जा रही है।
जनता की शिकायत के त्वरित निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी एक्टिव
शिविरों के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी भी नामित किए गए हैं। राजस्व विभाग के लिए अपर समाहर्ता (राजस्व), आपदा प्रबंधन विभाग के लिए अपर समाहर्ता (आपदा), ग्रामीण विकास विभाग के लिए डीआरडीए निदेशक, पंचायती राज विभाग के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के लिए सिविल सर्जन, शिक्षा विभाग के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा आपूर्ति विभाग के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग के लिए जिला कृषि पदाधिकारी, आईसीडीएस के लिए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, विद्युत विभाग के लिए अधीक्षण अभियंता तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के लिए कार्यपालक अभियंता को भी विशेष दायित्व दिए गए हैं।
प्रखंड स्तर पर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को शिविर संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। सभी नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने विभाग से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा करें तथा समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
शिविर स्थल पर व्यवस्था
शिविर स्थल पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, छाया, पंजीकरण काउंटर एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी/ पश्चिमी एवं डीआरडीए निदेशक को तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग का दायित्व सौंपा गया है।
कैंपों का भ्रमण कर प्रभारी ने तैयारी का लिया जायजा
जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी कैंप प्रभारी ने अपने-अपने शिविर स्थल का जायजा दिया तथा शिविर मैं स्टॉल की तैयारी से लेकर आवेदन के निष्पादन की पूरी तैयारी की। जिलाधिकारी ने कहा है की मामलों का न केवल निष्पादन की जवाबदेही है बल्कि निष्पादन की गुणवत्ता भी आवश्यक है। इसके लिए अधिकारियों को समस्या के वास्तविक निवारण पर जोर दिया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर हर हाल में शिकायत का निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया है अन्यथा विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।शिविर समाप्ति के बाद प्रतिनियुक्त जिला स्तरीय अधिकारी विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे, जिसमें लंबित मामलों, निष्पादित शिकायतों, निष्पादन की गुणवत्ता , विभागीय उपस्थिति तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जानकारी शामिल होगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों को सम्मानजनक वातावरण में त्वरित सेवा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस अवसर पर माननीय मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सह जिला प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल और जिला प्रभारी सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह भाग लेंगे तथा सहयोग शिविर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगे। माननीय मंत्री द्वारा मुसहरी प्रखंड के जमालाबाद पंचायत सरकार भवन, मीनापुर प्रखंड के धर्मपुर पंचायत सरकार भवन, कुढ़नी प्रखंड के खरौनाडीह पंचायत भवन में आयोजित शिविर में भाग लेंगे वहीं दूसरी ओर सचिव, जल संसाधन विभाग सह जिला प्रभारी सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह
सकरा के बाजी बुजुर्ग, मुरौल के मीरापुर पंचायत तथा कुढ़नी के सुमैरा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण करेंगे।
स्वयं डीएम -एसएसपी भी भी क्षेत्र भ्रमण कर सहयोग शिविर की तैयारी तथा जनता को दी जाने वाली सेवाएं एवं शिकायतों के निवारण का जायजा लेंगे। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला अनुमंडल एवं प्रखंड के तमाम अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर सहयोग शिविर का सफल एवं सुचारु आयोजन सुनिश्चित करेंगे।
