
–आर्म्स लाइसेंस के लिए किया फर्जीवाड़ा, जांच प्रतिवेदन पर थानाध्यक्ष का फर्जी हस्ताक्षर था कराया, चौकीदार को जेल
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
पूर्वी चंपारण जिले में आर्म्स लाइसेंस के लिए किए गए एक फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने थानेदार और इंस्पेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर कुख्यात अपराधी को शस्त्र लाइसेंस दिलाने की साजिश रचने के आरोप में चौकीदार मनोज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं हथियार के लाइसेंस के लिए फर्जीवाड़ा कराने वाले केसरिया के प्रमुख आलिया प्रवीण के पति सह पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नाज अहमद खान की तलाश में एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गठित एसआईटी जुट गई है। बताया है नाज अहमद पर आधे दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 हजार रुपए इनाम भी घोषित किया गया है।

लाइसेंस के लिए इस तरह के फर्जीवाड़ा के खुलासे के बाद पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर आरोपी चौकीदार के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
मामला केसरिया प्रखंड की प्रमुख के पति नाज अहमद खान के दूसरे आर्म्स लाइसेंस के आवेदन से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाज अहमद खान एक कुख्यात अपराधी है और उस पर पूर्व से एक दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। आर्म्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आरोपी ने चौकीदार मनोज सिंह के साथ मिलीभगत की। चौकीदार ने पद का दुरुपयोग करते हुए थानेदार और इंस्पेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर किए और रिपोर्ट में नाज अहमद खान का आपराधिक इतिहास ‘शून्य’ दिखाते हुए फाइल जिला मुख्यालय भेज दी।
फर्जीवाड़े की इस गंभीर शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रतिवेदन की गहन जांच कराई गई। जांच के दौरान जब अधिकारियों के हस्ताक्षर का मिलान किया गया, तो पूरी तरह फर्जी निकला। रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद पदाधिकारी रामशरण पासवान के लिखित आवेदन पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकीदार मनोज सिंह को दबोच लिया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया में सेंध लगाने की कोशिश करने वाले तत्वों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार मुख्य आरोपी नाज अहमद खान की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने आरोपी प्रमुख पति पर 15 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की है। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। एसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या कोई प्रभावशाली व्यक्ति ही क्यों न हो।
