शिवहर में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

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शिवहर, प्रतिनिधि।

जिले में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और भीषण ओलावृष्टि हुई। तरियानी प्रखंड सहित कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों को व्यापक आर्थिक क्षति हुई है।
स्थानीय किसानों के मुताबिक, ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और दलहन की फसलें सर्वाधिक प्रभावित हुई हैं। कटाई के लिए तैयार गेहूं की बालियों को तेज हवा और ओलों से भारी क्षति पहुंची है। सरसों और दलहन (मसूर, खेसारी) के दाने ओलों की चोट से झड़ गए हैं।
किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, और अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। एक प्रभावित किसान ने कहा, “अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने हमारी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। यदि सरकार ने जल्द मुआवजा नहीं दिया, तो हमारे सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।”
मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि इस आकस्मिक मौसम परिवर्तन का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। इसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके चलते शिवहर सहित उत्तर बिहार के कई जिलों में गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। विभाग ने अगले 24 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और छिटपुट वर्षा की संभावना जताई है।
तरियानी क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे (फसल कटनी प्रयोग) कराकर उचित मुआवजे की मांग की है। कृषि विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बारिश और ओलावृष्टि से फसल उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।