
– मीडिया विद्यार्थियों के लिए संसदीय प्रक्रिया की समझ बेहद आवश्यक : डॉ साकेत
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के मीडिया अध्ययन विभाग ने आज “संसदीय रिपोर्टिंग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के डीडीयू कैंपस में किया । कार्यशाला में पत्रकारिता एवं जनसंचार के छात्र–छात्राओं, शोधार्थियों और शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव रहे। कार्यशाला की अध्यक्षता मीडिया अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार झा ने की। कार्यक्रम में मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सकेत रमन भी उपस्थित रहे।
डॉ. साकेत रमन ने कहा, “आज के दौर में मीडिया विद्यार्थियों के लिए संसदीय प्रक्रिया की समझ बेहद आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं छात्रों को जिम्मेदार, तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक पत्रकारिता के लिए तैयार करती हैं।”
मुख्य वक्ता के रूप में याशिका केडिया, प्रोग्राम एसोसिएट, पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च, दिल्ली ने संसदीय रिपोर्टिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संसद की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया, लोकसभा–राज्यसभा की भूमिका तथा “संसद में एक दिन” की कार्यवाही को चरणबद्ध ढंग से समझाया।
कार्यशाला के दौरान वक्ता ने कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों का उदाहरण लेकर उनका विश्लेषण किया और विद्यार्थियों के साथ उन पर विस्तृत चर्चा की। इस संवाद में विधेयकों के उद्देश्य, पृष्ठभूमि, सामाजिक प्रभाव और मीडिया में उनकी संतुलित प्रस्तुति पर विशेष जोर दिया गया।

याशिका केडिया ने कहा, “संसदीय रिपोर्टिंग केवल सदन की कार्यवाही को कवर करना नहीं है, बल्कि उसके पीछे की प्रक्रिया, संदर्भ और प्रभाव को समझकर जनता तक पहुँचाना है। संसद में एक दिन कैसे चलता है और विधेयक आम लोगों की जिंदगी को कैसे प्रभावित करते हैं, यह समझना बेहद जरूरी है।”
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मयंक भारद्वाज ने बताया कि इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों को संसदीय पत्रकारिता की व्यावहारिक समझ देना और नीति व कानून से जुड़े मुद्दों पर आलोचनात्मक दृष्टि विकसित करना है।
कार्यशाला के अंत में प्रश्न–उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने संसदीय प्रक्रिया, विधायी शोध और रिपोर्टिंग से जुड़े सवाल पूछे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति एवं मीडिया अध्ययन विभाग के शिक्षकों डॉ. परमात्मा कुमार मिश्र, डॉ. सुनील दीपक घोडके एवं डॉ. उमा यादव का सराहनीय योगदान रहा।
