मुजफ्फरपुर::एचआईवी व एड्स के विरुद्ध महाभियान का आगाज

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जागरूकता रथ को सीएस ने दिखाई हरी झंडी ,15 जगहों पर लगेगा कैंप


मुजफ्फरपुर, प्रतिनिधि।


जिले में एचआईवी/एड्स और यौन संचारित रोगों (एसटीडी) की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक व्यापक पहल की शुरुआत की गई है । इसी क्रम में सिविल सर्जन ने ‘समेकित स्वास्थ्य शिविर’ के सफल संचालन के लिए विशेष प्रचार वाहनों और जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सी.के. दास, डी.पी.एम. रेहान अशरफ और प्रभारी जिला आईसीटीसी पर्यवेक्षक जय प्रकाश सिंह सहित कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे । जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ सीके दास ने बताया कि ये वाहन पूरे जिले में भ्रमण कर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करेंगे ।
बताया कि यह पूरा अभियान भारत सरकार और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा निर्धारित ’95:95:95′ के लक्ष्य को 01 दिसंबर 2026 तक हासिल करने के संकल्प के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 95 प्रतिशत संक्रमितों को अपनी स्थिति का पता हो, उनमें से 95% का उपचार  शुरू हो सके और उपचार करा रहे 95% लोगों में वायरस का स्तर नियंत्रित रहे। अभियान के दौरान विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले समूहों, जैसे प्रवासी मजदूर, ट्रक चालक, युवा और किशोरों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई विस्तृत कार्ययोजना के अनुसार, यह विशेष अभियान 24 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर कुल 15 समेकित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है । इन शिविरों का आयोजन मीनापुर, गायघाट, बोचहाँ, कुढ़नी, पारू और सरैया जैसे प्रखंडों के विभिन्न गांवों और पंचायतों में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, मुशहरी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले रेलवे स्टेशन, इमलीचट्टी बस स्टैंड और जीरो माइल जैसे प्रमुख सार्वजनिक केंद्रों पर भी विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि प्रवासियों और यात्रियों तक पहुँचा जा सके।
इन शिविरों की मुख्य विशेषता यह है कि यहाँ आने वाले लाभार्थियों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएँ दी जा रही हैं । इनमें एचआईवी और सिफलिस की जाँच के साथ-साथ टीबी, हेपेटाइटिस-बी, एनीमिया, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की जाँच एवं परामर्श की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है । प्रत्येक शिविर के सुचारू संचालन के लिए चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ सीएचओ , एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की विशेष तैनाती की गई है ।
अपील और जागरूकता:
सिविल सर्जन ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे बिना किसी संकोच के इन शिविरों में पहुँचें और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएँ । विभाग का मानना है कि समय पर जाँच और जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है, जिससे समाज को पूरी तरह से एड्स मुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।