चंपारण की खबर:देश की आर्थिक दिशा और विकास प्राथमिकताओं को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है बजट: प्रो. अतुल

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एमजीसीयू के प्रबंधन विज्ञान विभाग में प्री-बजट सेशन आयोजित


मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रबन्धन विज्ञान विभाग ने विद्यार्थियों को केंद्रीय बजट की संरचना एवं आर्थिक नीतियों की समझ प्रदान करने के उद्देश्य से एक प्री-बजट सेशन का आयोजित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर अतुल कुमार शरण ने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की। उन्होंने बजट की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि बजट किसी भी देश की आर्थिक दिशा और विकास प्राथमिकताओं को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है। उन्होंने अपने व्याख्यान को तीन भागों में विभाजित करते हुए बजट की परिभाषा, बजट के प्रमुख घटकों तथा आगामी बजट से अपेक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बजट के घटकों की व्याख्या करते हुए राजस्व बजट, पूंजीगत बजट, कर एवं गैर-कर राजस्व, सरकारी व्यय तथा राजकोषीय घाटे जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी बजट में सरकार ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण अवसंरचना को मजबूती देने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहन देने, निर्यात आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने तथा राजस्व घाटे को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान देगी।
विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवेंद्र सिंह ने स्वागत एवं परिचयात्मक वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने प्री-बजट सेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे अकादमिक कार्यक्रम छात्रों में आर्थिक एवं नीतिगत विषयों के प्रति जागरूकता विकसित करते हैं।
इसके पश्चात विभागाध्यक्ष प्रो. सपना सुगंधा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बजट के विभिन्न आर्थिक, सामाजिक एवं प्रबंधकीय पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बजट अध्ययन प्रबंधन एवं अर्थशास्त्र के छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि इससे नीति निर्माण और संसाधन आवंटन की व्यावहारिक समझ विकसित होती है।
कार्यक्रम में अतिथि संकाय डॉ. कमलेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर मैनेजमेंट विभाग के सहायक प्राध्यापक अरुण कुमार, अतिथि संकाय राजीव रंजन, श्री बाला, प्रसून श्रीवास्तव एवं रश्मि राज सहित विभिन्न विभागों के 120 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने बजट से संबंधित प्रश्न पूछे और विषय को लेकर गहरी रुचि दिखाई।