
परीक्षा के स्वच्छ , शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन और जनहित के योजनाओं के समयबद्ध , गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश
मुजफ्फरपुर
29 जनवरी, 2026
प्रमंडलीय आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था, राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों तथा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा के कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर निर्देश
इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त होना चाहिए। उन्होंने बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के सभी प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री परीक्षा केंद्र के अंदर न जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिलों में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा समय रहते कर ली जाए, ताकि सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से भली-भांति अवगत रहें। परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं की जाए।

खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा
बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के अंतर्गत खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लाभुकों को मानक के अनुरूप, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए।
आयुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि गोदामों से खाद्यान्न का उठाव एवं जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक उसका वितरण समय से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पीडीएस दुकानों का नियमित निरीक्षण करने, अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करने तथा डीलरों की रिक्तियों को समय पर भरने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही राशन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने, संदिग्ध एवं अपात्र राशन कार्डों की जांच कर उन्हें रद्द करने तथा पात्र लाभुकों को शीघ्र लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मामलों पर विशेष जोर
बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी जिलों के अपर समाहर्ता राजस्व एवं डीसीएलआर के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित मामलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जमीन से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने म्यूटेशन, परिमार्जन, भूमि मापी, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा जैसे जनहित से जुड़े कार्यों को पूरी सक्रियता, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा। भूमि से जुड़े मामलों में आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने किसानों के निबंधन कार्य में तेजी लाने, लंबित भूमि विवाद के मामलों का निष्पादन करने तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिए।

बैठक के अंत में आयुक्त ने निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा करने तथा प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी जिलों के अधिकारी समन्वय स्थापित कर जनहित से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करेंगे।
बैठक में आयुक्त के सचिव, क्षेत्रीय उपनिदेशक शिक्षा, प्रमंडल के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अपर समाहर्ता राजस्व, अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
