
- सूबे के 30 जिलों में ‘कोल्ड डे’ का अलर्ट जारी, तापमान में गिरावट दर्ज
स्टेट हेड, राजन द्विवेदी
पटना ।
बिहार में बढ़ रही ठंड को पछुआ हवा और खतरनाक बनाने पर तुली है। मौसम विभाग की मानें तो आगामी 31 दिसंबर तक मौसम में सुधार के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। यह ठंड बुजुर्ग और बच्चों के लिए ज्यादा खतरा साबित हो सकती है। हालांकि पूरे बिहार में सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को को अलर्ट करते हुए पर्याप्त मात्रा में अलाव जलाने और जरूरतमंद एवं ठंड से ठिठुरते लोगों के बीच कंबल वितरित करने का निर्देश दिया गया है। इसी क्रम में पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिले के विभिन्न हिस्सों में प्रशासन, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत को अलाव जलाने और उसकी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका देखी जा रही है। जिला आपदा विधायक भी सक्रिय हो गया है। रेडक्रास सोसायटी सहित अन्य संगठनों के साथ बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण किया जा रहा है।
बता दें कि कोहरा और सर्द पछुआ हवा के कारण राज्य के ज्यादातर जिलों में शीत लहर जैसी स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को राज्य के न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री की गिरावट आने के साथ ठिठुरन और बढ़ गई है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के ज्यादातर जिलों में अत्यंत घने कोहरे और राजधानी सहित 30 जिलों में कोल्ड डे को लेकर ओरेंज अलर्ट जारी किया है।
31 दिसंबर तक मौसम में सुधार के कोई आसार नहीं है। इस दौरान घना कोहरा और कोल्ड डे जैसे हालात बने रहेंगे। राज्य का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस से 13.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। साथ ही गया एवं भागलपुर के सबौर में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही।
राज्य के चंपारण सहित सात जिलों में औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नालंदा, छपरा, भागलपुर सबौर, वाल्मीकि नगर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज किया गया। राज्य में 7.4 डिग्री सेल्सियस के साथ भागलपुर (सबौर) एवं औरंगाबाद का सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा।
