
सेंट्रल जेल मोतिहारी में डीएम और एसपी ने की चार घंटे तक छापेमारी
मोतिहारी , राजन द्विवेदी।
बिहार विधानसभा चुनाव को भयमुक्त और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय है। इसी क्रम में शनिवार को मोतिहारी सेंट्रल जेल में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में चार घंटे तक सघन छापेमारी की गई।इस दौरान जेल के सभी वार्डों की गहन जांच की गई और कैदियों, विशेषकर कुख्यात अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि यह कार्रवाई चुनावी माहौल में किसी भी अवांछित या आपत्तिजनक गतिविधि को रोकने के लिए की गई है। उन्होंने जोर दिया कि जेल में बंद अपराधी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न कर सकें और न ही अपने गिरोह के माध्यम से बाहर कोई आपराधिक गतिविधि संचालित कर सकें।छापेमारी के दौरान जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए कि जेल के अंदर मोबाइल फोन, नशे के पदार्थ या अन्य संचार उपकरण न मिलें। जेल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का आदेश भी दिया गया। डीएम ने कहा कि चुनावी माहौल को देखते हुए जेल के भीतर हर गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखी जाएगी।पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि कुछ कुख्यात अपराधियों की ओर से चुनाव के दौरान अव्यवस्था फैलाने या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालने की आशंका थी।
इसे देखते हुए ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन्हें दूसरे जेलों में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें मुकेश पाठक, कमरूद्दीन मियां, यशवंत गिरी और गब्बर यादव जैसे कुख्यात अपराधियों के नाम शामिल हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी है और जल्द ही इन अपराधियों को अन्य जिलों की जेलों में स्थानांतरित किया जाएगा। छापेमारी के दौरान कोई अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई। लेकिन जेल सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।डीएम और एसपी दोनों अधिकारियों ने दोहराया कि जिले में चुनाव को लेकर कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। और प्रशासन किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
