
शिवहर. जिले के तरियानी छपरा गांव में 30 अगस्त को शहीद क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान इस गांव के 10 क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों की गोलियों से शहादत दी थी।
तरियानी छपरा का स्वतंत्रता संग्राम में विशिष्ट स्थान है। 1857 में यहां के क्रांतिकारी मैगर सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। 30 अगस्त 1942 को अंग्रेजों की गोलियों से नवजद सिंह, भूपन सिंह, जय मंगल सिंह, सुखदेव सिंह, सुंदर राम, बुधन महतो, बंशीधर, परसन साह, छठू साह और बलदेव साह शहीद हुए। श्यामनंदन सिंह ने बक्सर जेल में 18 दिन के आमरण अनशन के बाद वीरगति पाई।
शहीदी स्मारक पर तरियानी छपरा मुखिया संघ के अध्यक्ष और एक शहीद की विधवा ने तिरंगा फहराया। प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ जूही कुमारी की मौजूदगी में रामप्रवेश सिंह ने झंडोत्तोलन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया संघ अध्यक्ष अर्पना सिंह ने की।
कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह बिस्मिल, जयराम सिंह, पूर्व मुखिया श्याम बाबू सिंह, प्रोफेसर ललन सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। ग्रामीणों ने शहीदी स्थल पर फूल अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।