
पूर्णिया /डा. रूद्र किंकर वर्मा।
सीमांचल की राजनीति इस वीकेंड किसी पॉलिटिकल ब्लॉकबस्टर से कम नहीं होने वाली। शुक्रवार की रात कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव का पूर्णिया आगमन तय है, और शनिवार को पूरा शहर “ठगबंधन बनाम एनडीए” के हाईवोल्टेज मुकाबले का गवाह बनेगा।
नाइट शो, डे क्लाइमेक्स
देर रात राहुल–तेजस्वी का काफ़िला पूर्णिया में उतरेगा।
शनिवार को गुलाबबाग़ मैदान और बेलौरी चौक बनेगा पॉलिटिकल पिच।
कांग्रेस–राजद का दावा: “जनता को मिलेगा वोटर अधिकार”।
भाजपा का पलटवार: “यह बिहार बदनाम यात्रा है”।
मैच के खिलाड़ी कौन?
राहुल गांधी: बल्लेबाजी में वादों के चौके–छक्के।
तेजस्वी यादव: युवाओं को लुभाने की स्पिन बॉलिंग।
एनडीए: जवाबी अटैक में फुल टॉस पॉलिसी और विकास का स्कोरकार्ड।

भाजपा ने मारा सियासी बाउंसर
भाजपा नेत्री नूतन गुप्ता ने राहुल–तेजस्वी की यात्रा को “ठगबंधन का ड्रामा” बताया।
“यह कोई ‘वोटर अधिकार यात्रा’नहीं बल्कि जनता को गुमराह करने की स्क्रिप्ट है। बिहार की जागरूक जनता इसे कभी हिट नहीं होने देगी।” — नूतन गुप्ता।
भाजपा नेत्री एवं जिला मंत्री नूतन गुप्ता ने तीखे प्रहार कर इसे “ठगबंधन की बिहार बदनाम यात्रा” करार दिया।
भाजपा का हमला: बदनामी की राजनीति फिर शुरू*
नूतन गुप्ता ने कहा कि जब लालू यादव की सरकार थी, तब बिहार अपराध, भ्रष्टाचार और अपहरण का पर्याय बन गया था। अब कांग्रेस और राजद की जोड़ी उसी काली छवि को वापस लाने की कोशिश कर रही है। “राहुल–तेजस्वी की यह यात्रा असल में मुद्दा-विहीन राजनीति का नाटक है। मतदाता सूची पुनरीक्षण तो सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसे आधार बनाकर जनता को गुमराह करना सिर्फ़ सस्ती राजनीति है।”
पब्लिक का मूड
कोई कह रहा है “देखें इस ब्लॉकबस्टर में नया क्या है”।
कोई मान रहा है “यह सिर्फ़ चुनावी ट्रेलर है”।
लेकिन सबकी निगाहें शनिवार पर टिकी हैं, जब सीमांचल की पिच पर असली पॉलिटिकल मुकाबला शुरू होगा।