पाक्षिक काब्य गोष्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कवि एवं कवित्रियों ने श्रृगारिक महत्त्व को किया जीवंत।

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जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।

जहानाबाद -नागरिक विकास मंच के तत्वावधान में 30 अगस्त को पाक्षिक काव्य गोष्ठी में कवि तथा कवयित्री ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। स्थानीय कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक सारगर्भित प्रस्तुतियों से मौके पर उपस्थित श्रोताओं को जीवन के व्यवहारिक पहलुओं की सच्चाई से अवगत कराते हुए उनके मार्गदर्शन की कोशिश की। कवियों ने सावन महीने की महिमा व स्थानीय लोककला को समन्वित कर कविता के माध्यम से जीवंतता प्रदान करने की कोशिश की।

कवियों ने सावन की समाज में श्रृंगारिक महत्ता की गहराईयों में गोता लगा बड़े ही प्रभावी व रोचक तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश की। लोगों ने बेहतरीन प्रस्तुतियों पर तालियां बजाकर कवियों का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नागरिक विकास मंच के कोषाध्यक्ष रामजीवन पासवान ने किया जबकि संचालन मंच के सचिव संतोष श्रीवास्तव ने किया।

मौके पर उपस्थित प्रमुख लोगों ने कहा कि कविता का समाज को सही राह दिखाने का एक अद्भूत व प्रभावी जरिया है। काव्य के शब्दों में प्रेरणा की शक्ति लोगों को उर्जान्वित करने का एक शानदार जरिया है। लोगों ने पाक्षिक काव्य गोष्ठी के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे साहित्यिक धरोहरों का संरक्षित रख समाज काे सांस्कृतिक रूप से उन्नयन व समृद्ध करने में सहुलियत होती है।

   काव्य गोष्ठी  में  उपस्थित प्रमुख लोगों में  मंच  अनुसूचित जाति -जन जाति  कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डा अरविंद चौधरी ,  अजय विश्वकर्मा , कवियत्री रूबी  कुमारी  शिक्षिका , मान्या गुप्ता , कवि लोक गायक विश्वजीत अलबेला , मगही विकास मंच के सचिव अरविंद कुमार आंजाश, आर एसएस से जुडे नरेन्द्र कुमार सिन्हा उर्फ सुनील जी ,  सुनील कुमार श्रीवास्तव ,  विशेष रूप से उपस्थित थे ।

    धन्यवाद ज्ञापन कवि गौतम परासर ने किया। कार्यक्रम का लाईव प्रसारण भी किया गया।