
रोसड़ा/ समस्तीपुर
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार अनुमंडल विधिक सेवा समिति, रोसड़ा की ओर से उपकारा रोसड़ा में रविवार को एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंद कैदियों को प्ली बार्गेनिंग और अपराधों के शमन जैसे कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने कैदियों को संबोधित करते हुए बताया कि प्ली बार्गेनिंग न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जिसके अंतर्गत अभियुक्त किसी छोटे अथवा कम गंभीर अपराध में दोष स्वीकार कर सकता है और इसके बदले उसे अपेक्षाकृत कम सजा दी जाती है। इससे मुकदमे के लंबे समय तक चलने से बचा जा सकता है और अभियुक्त को शीघ्र न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है।
इसी प्रकार अपराधों का शमन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में, जहाँ अपराध की प्रकृति हल्की होती है, वहाँ पीड़ित और अभियुक्त की सहमति से मामला निपटाया जा सकता है। इससे पीड़ित को शीघ्र न्याय मिलता है और न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ भी कम होता है।
शिविर के दौरान अधिवक्ता ने कैदियों को यह भी बताया कि कानून सभी को समान अधिकार देता है, और यदि बंदी इन प्रावधानों के बारे में जागरूक हों तो वे अपने मामलों में उचित कानूनी सहायता लेकर जल्द न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
इस मौके पर कारा अधीक्षक, सहायक अधीक्षक समेत बड़ी संख्या में कैदी उपस्थित रहे। उपस्थित कैदियों में नीरज कुमार, यशवंत कुमार, मिथुन कुमार, बिरजू कुमार, शंभू सिंह, छोटू कुमार, विकास कुमार, अर्जुन दास, प्रमोद यादव सहित अन्य बंदी शामिल थे। कैदियों ने कार्यक्रम के प्रति उत्साह दिखाया और कई ने सवाल पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान कराया।