
सहरसा
जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत गठित अनुश्रवण एवं शिकायत निवारण समिति,आत्मा प्रबंधन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।खरीफ मौसम में तीन प्रकार का बीज संकर धान, धान, अरहर, मिनीकीट एवं ढ़ैचा बीज का कुल लक्ष्य 1701.09 कि्ंवटल के विरूद्ध कुल प्राप्त 1079.08 क्विंटल बीज के आलोक में शत्-प्रतिशत बीज का वितरण किसानों के मध्य किया गया है। बीज वितरण में सहरसा जिला राज्य में दुसरे स्थान पर हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा प्रशंसा की गई एवं इसी प्रकार कार्य करने हेतु निदेशित किया गया।खरीफ मौसम में विभिन्न फसलों के दिये गये लक्ष्य के विरूद्ध आच्छादन 91.69 प्रतिशत दिखाया गया है। जिसमें जिला पदाधिकारी द्वारा पृच्छा की गई जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया खरीफ में शत्-प्रतिशत आच्छादन एक सप्ताह के अंदर कर लिया जायेगा।वर्त्तमान में जिलान्तर्गत उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्त्तमान में 124917 बैग यूरिया, 52140 बैग डीएपी, 40787 बैग एमओपी, 61479 बैग एनपीके एवं 10844 बैग एसएसपी उपलब्ध है। जिलाधिकारी द्वारा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के संबंध में निदेशित किया गया कि उनके द्वारा बताया गया नैनो एक प्रोद्योगिकी आधारित उर्वरक है। इसके कणों का आकार बहुत छोटा होता है, जिससे यह पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाता है। इसका कृषि कर्मियों के द्वारा अधिकाधिक प्रचार-प्रसार कृषकों के बीच कराये, ताकि किसानों द्वारा खेती में इसका व्यापक उपयोग किया जा सके।
जिलाधिकारी द्वारा निदेशित किया गया कि जिला में उर्वरक के परिचालन, वितरण, भंडारण एवं बिक्री के संबंध में समय-समय पर संबंधित उर्वरक निरीक्षक द्वारा जाँच कराया जाय एवं कृषकों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाय। उर्वरक प्रतिष्ठानों पर दीवाल लेखन में संधारित रेट चार्ट में उर्वरक मूल्य तालिका के साथ संबंधित प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, पंचायत कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार का मोबाईल नम्बर अंकित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही उर्वरक उपलब्धता की सूचना प्रदर्शित करना सुनिश्चित करेंगे, ताकि किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में किसान सीधे संपर्क स्थापित कर अपनी समस्या का निदान करा सके।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जिला अनुश्रण एवं शिकायत निवारण समिति के संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के सभी अंचल में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रगति पर है। हल्का कर्मचारी के अनुपस्थिति के कारण फार्मर रजिस्ट्री कम हो पा रहा है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा निदेशित किया गया कि अपर समाहर्त्ता (राजस्व) के माध्यम से सभी अंचलाधिकारी को निदेशित करें ताकि फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लायी जा सके।सहायक निदेशक, उद्यान की समीक्षा के क्रम में उनके द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नारियल, आम, केला एवं फूल में लक्ष्य प्राप्त हुआ है, किसानों द्वारा पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा रहा है। माह अगस्त में आम एवं केला का वितरण किसानों के बीच शत्-प्रतिशत कर दिया जायेगा।मिट्टी जाँच प्रयोगशाला की समीक्षा के क्रम में सहायक निदेशक, (रसायन) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत कुल लक्ष्य 5618 के आलोक में प्रयोगषाला में 4518 नमूना प्राप्त है, जिसमें 1148 नमूना का विश्लेषण कर किसानों को 1015 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित कर दिया गया है, संबंधित कर्मी द्वारा शेष मिट्टी नमूना संग्रह किया जा रहा है।
परियोजना निदेशक, आत्मा द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य प्राप्त हो गया है। प्राप्त लक्ष्य के अनुसार क्रियान्वयन हेतु आत्मा प्रबंधन समिति की बैठक कर योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु स्वीकृति ली गई। सचिव के निदेशानुसार जिलास्तरीय व प्रखंडस्तरीय शारदीय खरीफ महोत्सव एवं किसान चौपाल का आयोजन कराया गया है, जिसमें 19155 किसानों ने भाग लिया है। जिलाधिकारी द्वारा निदेशित किया गया कि दिये गये प्राप्त लक्ष्य के विभिन्न घटकों का कार्य योजना तैयार कर यथाशीघ्र क्रियान्वयन कराना सुनिश्चित करेंगे साथ ही ड्रैंगन फ्रूट, अनानास, मूँगफली, मरूआ, खस के खेती को बढ़ावा देने हेतु इनोवेटिव प्रोग्राम तैयार करें ताकि इन फसलां की खेती अधिक से अधिक क्षेत्रफल में हो और किसानों की आय में वृद्धि हो।बैठक में वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, अगवानपुर द्वारा बताया गया कि तीन ऑन फार्म ट्रायल आम भिंडी एवं मखाना में चल रहा है साथ ही कृषि यांत्रिकरण योजना में खरीफ में धान, रबी में गेहूँ एवं गरमा में मूँग की सीधी बुआई जीरो टिलेज मशीन से की जा रही है एवं किसानों को बिना जुताई खेत की बुआई के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार कर लागत में कमी लाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।लघु सिंचाई अंतर्गत कनीय अभियंता, लघु सिंचाई द्वारा बताया गया कि वर्त्तमान में कुल 62 टयूबवेल में 45 कार्य कर रहे है, शेष 17 में यांत्रिक खराबी है, जिसमें 10 मुखिया से संबंधित है। जिलाधिकारी द्वारा संबंधितों से समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह में सभी ट्यूबवेल को कार्यशील करने का निदेश दिया गया, साथ ही तत्संबंधी प्रतिवेदन आगामी बैठक में उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया।सहायक अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, सहरसा द्वारा बताया गया कि खरीफ सिंचाई का लक्ष्य 14620 हे के विरूद्ध 3367 हे० में ही सिंचाई की गई। इस संबंध में पृच्छा करने पर कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमंडल द्वारा बताया गया नहरों एवं उसके सब नहर में कहीं कहीं बालू जमा हो गया है। जिसके कारण पानी अंतिम छोड़ तक नहीं पहुँच पा रहा है। जिला पदाधिकारी द्वारा निदेशित किया गया कि उप विकास आयुक्त से संपर्क कर मनरेगा के माध्यम से जमा बालू को हटवाया जाय, ताकि पानी अंतिम छोड़ तक नहरों में जा सकें जिससे अधिक क्षेत्रफल में सिंचाई की जा सके।

सहकारिता की समीक्षा के क्रम में जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना अंतर्गत कुल प्राप्त 911 आवेदनों के विरूद्ध 911 आवेदनां का सत्यापन कर लिया गया है।जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि टीकाकरण में पूर्व में प्राप्त 566550 लक्ष्य के विरूद्ध शत प्रतिषत उपलब्धि प्राप्त कर ली गयी तथा ईयर टैगिंग में 780000 लक्ष्य के विरूद्ध 709412 उपलब्धी जो 90.95 प्रतिशत है। जिला पदाधिकारी द्वारा निदेशित किया गया कि विभिन्न घटकों में लक्ष्य को हासिल करना सुनिश्चित करें।महाप्रबंधक उद्योग द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजनान्तर्गत 156 का लक्ष्य प्राप्त है, जिसमे बैंकों द्वारा केवल 7 आवेदन स्वीकृत किया गया। योजना अंतर्गत कुल लक्ष्य 129 के विरूद्ध बैंकों द्वारा 117 आवेदन स्वीकृत किया गया एवं 87 आवेदन बैंक द्वारा वितरित किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा महाप्रबंधक उद्योग को अधिक आवेदन लंबित रखने वाले संबंधित बैंकों के राज्य प्रमुख एवं महाप्रबंधक से जिलाधिकारी के स्तर से तथा विभाग के स्तर आवष्यक पत्राचार करने हेतु निदेषित किया गया, ताकि अधिकाधिक किसानां का लाभ हो तथा लक्ष्य की प्राप्ति संभव हो सके।गव्य विकास की समीक्षा के क्रम में जिला गव्य विकास पदाधिकारी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि समग्र गव्य विकास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल भौतिक लक्ष्य 90 के विरूद्ध बैंक ऋण हेतु 18 आवेदन स्वलागत से 79 आवेदन कुल 97 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें स्वलागत से 79 आवेदन स्वीकृत किया गया है। देसी गौपालन प्रोत्साहन योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल भौतिक लक्ष्य 36 के विरूद्ध बैंक ऋण हेतु 11 आवेदन स्वलागत से 31 आवेदन कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें बैंक के माध्यम से 02 आवेदन स्वलागत के माध्यम से 31 आवेदन कुल 33 आवेदन स्वीकृत किया गया है।डीडीएम, नाबार्ड द्वारा बताया गया कि दो एफपीओ जिला में कार्यरत है, जो प्रखंड-सिमरी बख्तियारपुर एवं प्रखंड- नवहट्टा में संचालित है। च्डथ्डम् योजनान्तर्गत प्रखंड-नवहट्टा में मखाना पॉपिंग एवं पैकेजिंग का व्यवसाय किया जा रहा है। कंपनी वर्ष 2024-25 में 24.15 लाख का व्यवसाय कर 28 हजार का प्रॉफिट कमाया। प्रखंड-सिमरी बख्तियारपुर में कंपनी वर्ष 2024-25 में कुल 42.55 लाख रूपये का व्यवसाय किया गया जिसमें कुल 32 हजार रूपये का प्रॉफिट कमाया।बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, परियोजना निदेशक, आत्मा, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहाकारिता पदाधिकारी, जिला सांख्यकी पदाधिकारी, महाप्रबंधक उद्योग, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण, सहायक निदेशक, बीज विश्लेषण, सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, सहायक निदेशक, उद्यान, प्राचार्य मंडन भारती, कृषि महाविद्यालय अगवानपुर, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान कृषि विज्ञान केन्द्र, अग्रणी बैंक प्रबंधक, सहरसा, कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई, कार्यपालक अभियंता, सिंचाई, कार्यपालक अभियंता, विद्युत, सदर/सिमरी, डी0डी0एम0, नाबार्ड, जिला परामर्शी, जिला कृषि कार्यालय, सहरसा, आदि ने भाग लिया।