चंपारण की खबर:: गांव को जब इस कदर छला जब छला जाएगा, देखना एक दिन जलजला आएगा… -मिथिलेश कुमार घायल के काव्य संग्रह “खामोशी मुझसे कहती हैं” का हुआ विमोचन

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संग्रामपुर / उमेश कुमार।

गाव को इस कदर जो छला जाएगा,देखना एक दिन जल जला आएगा मुक्तक के साथ शुरू हुआ कवि सम्मेलन। मौका था कवि और सहित्यकार कवि मिथिलेश कुमार घायल द्वारा रचित काब्य संग्रह पुस्तक खामोशी मुझसे कहती हैं के विमोचन का। कार्यक्रम का आयोजन प्राचीन सियाराम मन्दिर परिसर में किया गया।इसके प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि डॉ0शकील अहमद मोइन, प्रो संत साह, प्रो हजारी प्रसाद गुप्ता, डॉ परमात्मा कुमार मिश्र, प्रो विजय शंकर पाण्डेय, प्रो कामेश्वर मिश्र ने अपने अपने विचार ब्यक्त किया। इस दौरान उपस्थित विशिष्ट जनो को शॉल और बुक्के देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान अतिथियों ने कवि और साहित्यकार मिथिलेश कुमार घायल को धन्यवाद देते हुए कहां की यह संग्रह समाजिक, राजनीतिक कुरीति के लिए एक बेहतर पुस्तक साबित होगी। इस बेहतर रचना के लिए निरन्तर आगे बढ़ते रहने के लिए धन्यवाद दिया। प्रथम सत्र का संचालन डॉ विनय कुमार सिंह ने किया। जबकि सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि शकील अहमद मोइन, अरुण गोपाल, गोरख मस्ताना, भोजपुरी कवि राम कुमार गिरि, चर्चित कवि व शायर गुलरेज शाहज्जाद, लाल मोहम्मद अंसारी, सतेंद्र गोविंद, अवध किशोर अनुराग, जय कुमार जय, नुरुल होददा, आदित्य श्रीवास्तव शफक, डॉ पवन कुमार ने अपनी कविताओं के माध्यम से उपस्थिति श्रोताओं को बांधे रखने में कामयाबी हासिल रखी। इस दौरान शिक्षक बबलू सिंह, चन्दन कुमार राय, संजय कुमार सहनी, सतेंद्र कुमार तिवारी, मुखिया ओंकार प्रसाद जयसवाल, पैक्स अध्यक्ष धीरेंद्र जयसवाल उर्फ चुन्ना जी, अवधेश प्रसाद जयसवाल उर्फ लखन जी, शिक्षक नेता संजय सिंह समेत कई लोग मौजूद थे।