डॉ. गोपाल ‘निर्दोष’ हुए डॉ. राम प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृत एवं सम्मानित

Uncategorized


मगही अकादमी, गया एवं मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के संयुक्त तत्वावधान में मगही महोत्सव सह डॉ. राम प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार – 25 का आयोजन बीते शनिवार को देर शाम तक किया गया। विश्विद्यालय के परिसर में स्थित दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश, प्रदेश से लेकर विदेश तक के साहित्यकार शामिल हुए।


उल्लेखनीय है कि 1980 से संचालित यह पुरस्कार अब तक 80 से अधिक साहित्यकाराें को प्रदान किया जा चुका है। इस बार मगही के विकास के लिए पटना के फिल्मकार मिथिलेश कुमार सिंह को, नेपाल में मगही के विकास के लिए फुलेगन मगही को तथा मगही एवं हिन्दी में सृजन कर साहित्य को समृद्ध करने के लिए जिला नवादा के साहित्यकार डॉ. गोपाल प्रसाद ‘निर्दोष’ को डॉ. राम प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार – 25 से पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। मालगोदाम, नवादा के निवासी तथा मेसकौर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, अँकरी के प्रभारी प्रधानाध्यापक, रंगकर्मी एवं मगही व हिन्दी के अकूत साहित्य के सर्जक डॉ. गोपाल ‘निर्दोष’ को डॉ. राम प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृत एवं सम्मानित करते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री जीतन राम माँझी ने उन्हें ग्यारह हजार रुपये, अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह, भगवान बुद्ध की मूर्ति के रूप में स्मृति चिह्न तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया। माननीय जीतन राम माँझी जी ने उन्हें पुरस्कृत एवं सम्मानित करते हुए उनसे कहा कि ‘गोपाल निर्दोष जी, और लिखिये, खूब लिखिये और अपनी भाषा और राज्य का देश-दुनिया में नाम कीजिए।’
अत्यल्प अवधि में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यकार के रूप में अपनी पहचान बना लेने वाले जिला नवादा के डॉ. गोपाल निर्दोष ने भी मगही के सपूत एवं दानवीर डॉ. राम प्रसाद सिंह जी को नमन करते हुए तथा पुरस्कार समिति के अध्यक्ष डॉ. उपेंद्र नाथ तथा सचिव प्रो. उपेंद्र नाथ वर्मा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए मंचस्थ केंद्रीय मंत्री, कुलपति, साहित्यकार, चयन समिति के सदस्यों एवं अन्य अधिकारियों व पदाधिकारियों सहित सभागार में उपस्थित साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों को संबोधित अपने उद्बोधन में ये बताया कि ‘अभी तक मगही में कमोबेश काम किया, हिन्दी में खूब सृजन किया, कहानी, कविता, उपन्यास, समीक्षा आदि के साथ-साथ विविध विधाओं की तेरह से अधिक पुस्तकों की रचना की, अब मगही के विकास के लिए भी खूब लिखेंगे।’


डॉ. गोपाल ‘निर्दोष’ के इस हृदयोदगार का सभागार में उपस्थित सभी विद्वज्जन ने तालियाँ बजाकर स्वागत किया। प्रतिष्ठित हिन्दी त्रैमासिक ‘मेरी अभिव्यक्ति’ एवं मासिक ‘अरण्य वाणी’ के प्रबंध संपादक एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. गोपाल ‘निर्दोष’ ने सदैव की भाँति इस बार भी साहित्य के विकास के प्रति अपनी शत-प्रतिशत प्रतिबद्धता जताई।


इधर डॉ. गोपाल ‘निर्दोष’ को डॉ. राम प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृत एवं सम्मानित होने पर लेखक एवं सिने कलाकार अखिलेंद्र मिश्र, अरुण कुमार वर्मा, पत्र संपादक विशाल कुमार, मनमोहन कृष्ण, विनय कुमार, अरविंद कुमार रवि, विनोद सागर, भाषा अधिकारी राजमणि मिश्र, लेखक रंजन कुमार, चंद्रकांत राय, सावन कुमार, शंभुनाथ मिस्त्री, मुकेश कुमार सिन्हा, प्रोफेसर डॉ. उमा शंकर सिंह सुमन, रमेश कुमार, राकेश रंजन, मोनिका देवी, शिक्षाधिकारी संजय कुमार जायसवाल, खेल प्रशिक्षक बब्लू वर्मा, लोहरदगा से ओमप्रकाश वर्मा, रंगकर्मी रजनीश मणि एवं अरविंद कुमार, शिक्षाविद् खुशबू कुमारी सिन्हा, मयंक वर्मा, रुचि वर्मा, सुरुचि वर्मा, रेणु कुमारी, अंशु माला, अवधेश कुमार, डॉ. विक्रम आनंद, डॉ. सुनीति कुमार एवं ख्यातिप्राप्त फोटोग्राफर आनंद कुमार के साथ-साथ किशनगंज के शिक्षक अभिषेक राजन एवं शहंशाह राजवंशी सहित देश, विदेश, प्रदेश आदि के संकड़ों शिक्षाविदों, साहित्यकारों, पत्रकारों, सिनेकर्मियों, रंगकर्मियों, समाजसेवियों आदि ने डॉ. गोपाल ‘निर्दोष’ को खूब बधाई दी तथा और भी साहित्यिक सृजन करते हुए भविष्य में और भी बड़े-बड़े पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त कर नाम रोशन करते रहने की शुभकामनाएँ दी।