
छात्र के आन्दोलन से झुकी सरकार।
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।
जहानाबाद -देश भर में हो रहे नीट पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन पर आखिरकार मोदी सरकार को घुटना टेकना पड़ा।
बीते करीब एक माह से सी जे पी पार्टी के संयोजक अभिजित दिपके के नेतृत्व में पुरे भारतवर्ष में छात्रों के प्रदर्शन पर राजनितिक काफी चरम सीमा पर गरमाई, ओर सियासत में भूचाल ला दिया है। बीते 20 जूलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुएं प्रदर्शन के उपरांत छात्रों पर जो पुलिस द्वारा लाठियां बरसाई गई, जिससे मामला और तुल पकड़ लिया, फलस्वरूप बिहार ही नहीं अपितु पुरे भारत वर्ष में छात्रों का गुस्सा फुट पड़ा, और प्रत्येक शहरों में सरकार के विरुद्ध नारेबाजी के साथ साथ केंदित शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की इस्तीफा को लेकर सड़क पर छात्र उत्तर आएं। परिणामस्वरूप भारत सरकार को छात्रों की मांग पर विचार किया,और अन्ततः केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया।

छात्रों की मांग को जायज ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री को अपने इस्तीफा पत्र भेज राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आखिरकार प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा देकर अपनी गलती को स्वीकार कर ही लिया।
