
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
पिपरा कोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को सैकड़ों किसान अपनी पुश्तैनी और खेती योग्य जमीन बचाने के लिए सड़क पर उतर आए। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ।
आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। शुक्रवार को पूर्व मंत्री और RJD सांसद सुधाकर सिंह भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने सरकार पर बिना किसानों की सहमति के जबरन जमीन लेने काढ आरोप लगाया और आंदोलन तेज करने का ऐलान किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण हाथों में तख्ती-बैनर लेकर पहुंचे। “जमीन हमारी है, किसी की जागीर नहीं”, “नहीं चाहिए वाटर पार्क, बचाओ हमारी खेती” और “जबरन भूमि अधिग्रहण बंद करो” के नारे लगे।
– यही जमीन हमारी आजीविका
किसानों का कहना है कि वे पीढ़ियों से इसी जमीन पर खेती कर परिवार पाल रहे हैं। यह उनकी आजीविका का इकलौता साधन है। सुधाकर सिंह ने कहा कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन छीन रही है।
सुधाकर सिंह ने साफ कहा कि किसानों की मर्जी के बिना किसी भी कीमत पर भूमि अधिग्रहण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतंत्र में किसानों की राय की अनदेखी नहीं हो सकती। अगर सरकार ने जबरदस्ती की तो आंदोलन और बड़ा होगा।
