जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न!

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शिवहर: जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला पदाधिकारी,प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में ‘बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति’ तथा ‘मानव व्यापार विरोधी समिति’ की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के भीतर बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनके कल्याण और मानव तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए एजेंडावार विस्तृत समीक्षा की गई। ​समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने जिले में रह रहे अनाथ और बेसहारा बच्चों के पुनर्वास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी पात्र अनाथ बच्चों को चिन्हित कर उन्हें ‘परवरिश योजना’ का लाभ तुरंत सुनिश्चित कराया जाए।
​डीएम ने योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा: ​”परवरिश योजना संकटग्रस्त और अनाथ बच्चों के लिए एक संबल है। इस योजना के तहत बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक ₹1000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उनके पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बाल श्रम की रोकथाम को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने बालश्रम से विमुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही, उन्होंने जिले में सक्रिय धावादल (Raid Team) के कार्यों का जायजा लिया और निर्देश दिया कि होटलों, ढाबों, ईंट-भट्टों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नियमित रूप से औचक निरीक्षण (रेड) की जाए, ताकि किसी भी बच्चे का बचपन सुरक्षित रहे और बाल श्रम पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
मानव व्यापार विरोधी समिति की समीक्षा करते हुए डीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।
​इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से सुश्री शुभांगी सिंह (सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, शिवहर) के साथ-साथ बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा मानव व्यापार विरोधी समिति से जुड़े सभी संबंधित थानों के पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।