
पुलिस महानिरीक्षक मगध प्रक्षेत्र ने बेगुनाह को जेल भेजने एवं घुस मांगने के आरोप में किया निलंबित।
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।
जहानाबाद – बेगुनाह को जेल भेजना और अलग से घुस मांगना नगर थाना में पदास्थापित स अ नि एवं बिना स्थल निरीक्षण किए गिरफ्तारी का आदेश निर्गत करना पुलिस निरीक्षक को महंगा पड़ गया। दोनों पुलिस पदाधिकारी पर पुलिस महानिरीक्षक मगध प्रक्षेत्र ने कर्त्तव्य में लापरवाही एवं बेगुनाह पर कार्रवाई करने के मामले में संज्ञान लेते हुए कारवाई कर निलम्बित कर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश निर्गत किया है।
पुलिस महानिरीक्षक मगध प्रक्षेत्र ने दिनांक 9/6 प्रेस रिलीज कर जानकारी देते हुए बताया कि कांड के अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण में घोर लापरवाही,मनमानीपन एवं संदिग्ध आचरण के आरोप में नगर अंचल निरीक्षक जहानाबाद रघुनाथ प्रसाद एवं नगर थाना में पदास्थापित पु स अ नि श्रीकांत सिन्हा को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई करने की आदेश निर्गत किया है।
उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि परसबिगहा थाना क्षेत्र के ग्राम महमदपुर निवासी विपिन कुमार सिंह के पुत्र रिषु राज ने एक आवेदन पत्र दिया था। उन्होंने अपने आवेदन में उल्लेख किया था कि मेरे साथ दिनांक 24/2/25 को अतुल आनंद ने मारपीट कर जख्मी कर दिया था। मैं सदर अस्पताल में इलाज के उपरांत नगर थाना में लिखित आवेदन दिया, परंतु मेरे आवेदन पर नगर थाना में कोई कार्रवाई नहीं की गई। मेरे आवेदन के विरुद्ध झुठा आवेदन कोर्ट में एक परिवाद पत्र दायर कर दिया गया।झुठे परिवाद के आलोक में घटना से दो माह के उपरांत दिनांक 29/4/25 को नगर थाना में कांड संख्या 336/25 अंकित कर मुझे झुठे केस में गिरफ्तार कर दिनांक 1/2/26 को जेल भेज दिया गया।
वहीं रिषु राज ने अपने आवेदन में उल्लेख किया था कि कांड के अनुसंधान कर्ता द्वारा 30 हजार रुपए की मांग किया गया था, और नहीं देने पर मुझे जेल भेज दिया गया था।
रिषु राज के आवेदन पर जांच पड़ताल प्रारंभ किया गया,और जांच के क्रम में आवेदन में किया गया उल्लेख सही पाए जाने पर, निलंबन की कार्रवाई किया गया है।
इस कारवाई से लोगों में पुलिस महानिरीक्षक मगध प्रक्षेत्र विकास वैभव के कार्यशैली पर खुशी जाहिर किया है और लोगों ने बताया कि गिरती पुलिस की छवी को पुनः लोगों को विश्वास जितने का कार्य किया गया है। लोगों ने बताया कि ऐसे पुलिस पदाधिकारी यदि बिहार में हो जाएं, तो अपराधी वास्तविक रूप से बिहार से बाहर जाने को मजबूर हो जाएगा।और गलत करने वालों की खैर नहीं होगी।
