
शिवहर : शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद देशभर में चल रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच शिवहर के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अनीश कुमार झा ने इसे छात्रों के संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग को लेकर आवाज उठाई थी, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है।
अनीश कुमार झा ने कहा कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो पढ़े-लिखे होने के बावजूद सरकार की हर नीति का बिना सवाल समर्थन करते रहे। उनके अनुसार लोकतंत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना और जनहित के मुद्दों पर आवाज बुलंद करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपने कार्यकाल में शिक्षा को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी, जिसके कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों के बीच असंतोष का माहौल बना। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करे और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए।
अनीश कुमार झा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो तथा युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है और सरकार को इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करने चाहिए।
