थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के हित में आयुक्त की बड़ी पहल, समय पर रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

Breaking news News बिहार

थैलेसीमिया मरीजों को राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम, आयुक्त ने उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर दिये व्यापक निर्देश

मुजफ्फरपुर,
15 मई 2026

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों एवं मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने तथा ब्लड बैंक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह ने महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला पदाधिकारी मुजफ्फरपुर, सिविल सर्जन, एसकेएमसीएच अधीक्षक, सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी सहित कई अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के इलाज, नियमित रक्त उपलब्धता, ब्लड बैंक की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रमंडलीय आयुक्त ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में निबंधित सभी 105 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए समय पर रक्त मिलना जीवन रक्षक आवश्यकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे बच्चों की सूची अपडेट रखी जाए तथा उनकी जरूरत के अनुसार ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध रहे।
बैठक में श्री सिंह ने एसकेएमसीएच में संचालित थैलेसीमिया डे केयर सेंटर की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों को मिलने वाली सेवाओं तथा नियमित इलाज की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। साथ ही एसकेएमसीएच, जिला अस्पताल तथा अन्य निजी रक्त बैंकों में उपलब्ध रक्त के भंडारण और वितरण प्रणाली की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि रक्त संग्रहण एवं वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित हो ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में रेड क्रॉस सोसाइटी की भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रमंडलीय आयुक्त ने सचिव रेड क्रॉस को निर्देशित किया कि रेड क्रॉस परिसर में स्थापित ब्लड डिफ्यूजन प्लांट को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्लांट के शुरू होने से रक्त संग्रहण और उपलब्धता की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा गंभीर मरीजों को त्वरित सहायता मिल सकेगी।
आयुक्त ने नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित कर व्यापक स्तर पर रक्तदान शिविर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि स्वैच्छिक रक्तदाताओं की संख्या में वृद्धि हो और किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी न हो।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों तक भटकना न पड़े, इसके लिए सभी जिलों में थैलेसीमिया डे केयर सेंटर संचालित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध किया जाएगा। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि वर्तमान में कई मरीजों को एसकेएमसीएच और पीएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ती है। यदि जिला स्तर पर डे केयर सेंटर संचालित होंगे तो मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी।
इसके अलावा रेड क्रॉस एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। आयुक्त ने निर्देश दिया कि थैलेसीमिया और रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मासिक एवं त्रैमासिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाए। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक मंचों के माध्यम से लोगों को थैलेसीमिया के प्रति जागरूक करने तथा नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करने की योजना बनाने को कहा गया।
इस प्रकार प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देशों के बाद थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। साथ ही नियमित ब्लड डोनेशन कैंप, ब्लड डिफ्यूजन प्लांट की शुरुआत तथा जिला स्तर पर डे केयर सेंटर संचालित करने की पहल से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
चूंकि थैलेसीमिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें मरीजों को नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में रक्त की सतत उपलब्धता उनके जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अंत: प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा की गई यह समीक्षा बैठक न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम होगा, बल्कि इससे थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों में भी भरोसा बढ़ेगा कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है।