चंपारण की खबर::नीट पेपर लीक मामले में घोड़ासहन के राजद नेता संतोष जायसवाल गिरफ्तार

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– दिल्ली पुलिस ने की  गिरफ्तारी, मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कराने वाले गिरोह का है सदस्य

मोतिहारी ।

नीट पेपर लीक के आरोप में दिल्ली पुलिस ने पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन निवासी राजद नेता संतोष कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की खबर से इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू है। संतोष की गतिविधियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बताया जाता है कि वे पूर्व में राजद के राष्ट्रीय महासचिव थे, लेकिन वर्तमान में पार्टी की सदस्यता को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
बताया गया कि संतोष जायसवाल घोड़ासहन के लैन बसवरिया गांव निवासी गोपाल प्रसाद उर्फ भोली साह के पुत्र हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने वाले एक संगठित गिरोह के मामले में गिरफ्तार किया है।जांच एजेंसियों के अनुसार संतोष जायसवाल गाजियाबाद में छात्रों और उनके अभिभावकों को झांसे में रखकर मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराने का दावा करता था। बताया कि अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने का काम वहीं से संचालित किया जाता था। नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई तेज होने के बाद सूरत पुलिस से मिले इनपुट पर दिल्ली पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने गाजियाबाद स्थित एक अस्पताल के पास से संतोष को पकड़ा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार संतोष दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में रहते थे, जबकि उनके माता-पिता अब भी गांव में ही रहते हैं।गांव में संतोष के आर्थिक रूप से तेजी से आगे बढ़ने की चर्चा तो होती थी, लेकिन लोगों को इस तरह के कथित गोरखधंधे की भनक नहीं थी। बताया जा रहा है कि वह कभी-कभार ही गांव आते थे।
बताते हैं कि संतोष जायसवाल ने स्नातक तक की पढ़ाई की है। राजनीतिक पहचान बनाने के लिए उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल का दामन थामा था। उन्हें पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी गई थी। हालांकि राजद जिलाध्यक्ष ने कहा है कि संतोष पुरानी कमेटी में शामिल थे और वर्तमान संगठन में उनकी स्थिति की जानकारी नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संतोष की इच्छा राजद के टिकट पर रक्सौल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की थी, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी सक्रियता कम हो गई।
गांव के लोगों के अनुसार संतोष के पिता गोपाल प्रसाद उर्फ भोली साह एक स्थानीय सिनेमा हॉल में ऑपरेटर का काम करते थे। परिवार के पास खेती-बाड़ी भी थी, जिससे आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर थी।लोग बताते हैं कि संतोष और उनके भाइयों की जीवनशैली काफी लग्जरियस रही है। साथ ही उनका रसूख बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहता था।बताया जा रहा है कि संतोष एक दवा कंपनी का संचालन भी करते थे, हालांकि स्थानीय स्तर पर लोग इस विषय पर खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं।