चंपारण की खबर::शोध राजनीतिक प्रणाली को समझने और विश्लेषण करने के लिऐ अत्यंत उपयोगी : डॉ सरिता

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बिहार की राजनीति में बीजेपी के उदय, शिथिलता एवं अवरोहण पर विस्तृत प्रस्तुति

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के शोधार्थी विनीत कुमार की पी० एचडी० उपाधि की मौखिकी संपन्न हुई। विनीत ने राजनीति विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ० सरिता तिवारी के निर्देशन में अपना शोध कार्य पूर्ण किया है। इनके शोध का विषय “द इमरजेंस, स्टेगनेशन एंड एसेंडेंस ऑफ बी० जे० पी० इन स्टेट पॉलिटिक्स ऑफ बिहार 1998-2020” है, जिसमें इन्होंने इस अवधि में भारतीय जनता पार्टी के बिहार की राजनीति में उदय, शिथिलता एवं अवरोहण पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विनीत ने विभिन्न राजनीतिक गठबंधन के सिद्धांतों के बारे में बताया कि बिहार के राजनीति कैसे एकल दल प्रणाली से एक बहु दलीय गठबंधन व्यवस्था में परिवर्तित हुई। बिहार के मतदाताओं के राजनीतिक व्यवहार में सामाजिक पहचान से अधिक विकास के कार्यों का प्रभाव देखने को मिला। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में कैसे भारतीय जनता पार्टी एक छोटे भाई की भूमिका के बाद धीरे-धीरे सबसे बड़ी एवं प्रमुख पार्टी बन के उभरती गई।
शोध निर्देशक डॉo सरिता तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के शोध राजनीतिक प्रणाली को समझने और विश्लेषण करने के लिऐ अत्यंत उपयोगी है। बिहार की राजनीति पर केंद्रित यह शोध राजनीतिक व्यवस्था, मतदाताओं के व्यवहार, चुनावों पर समाज का प्रभाव जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय को रेखांकित करता है।


इस पी० एचडी० मौखिकी में बाह्य विषय विशेषज्ञ के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सोनाली सिंह, एम० जी० सी० यू० के समाज विज्ञान संकाय के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रोफेसर सुनील महावर, राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नरेंद्र कुमार आर्य, गांधी एवं शांति अध्ययन के डॉ जुगल किशोर दाधीच, हिंदी विभाग के डॉ अंजनी श्रीवास्तव, संस्कृत विभाग के प्रोफेसर श्याम कुमार झा, राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर पंकज कुमार सिंह, डॉ ओम प्रकाश गुप्ता, डॉ नरेंद्र सिंह, डॉ प्रेरणा भादुली के साथ विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं शोधार्थीयों की उपस्थिति रही।