
- मरीजों को दी गई देखभाल और बचाव की जानकारी
शिवहर।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के अंतर्गत पिपराही प्रखंड स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) धनकौल में फाइलेरिया (हाथी पांव) से पीड़ित मरीजों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान मरीजों के बीच रुग्णता प्रबंधन एवं विकलांगता निवारण (एमएमडीपी) किट का वितरण किया गया, ताकि मरीज घर पर ही अपने पैरों और घावों की समुचित देखभाल कर सकें।
कार्यशाला की अध्यक्षता चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खुशबू कुमारी ने की। कार्यक्रम में बीडीएस अमरेंद्र कुमार सिंह, एसटीएस सौरभ सिंह, प्रोग्राम लीड रोहित कुमार, पिरामल स्वास्थ्य के कार्यक्रम पदाधिकारी नवीन मिश्रा, एएनएम शताक्षी कुमारी, जीएनएम भैरो राम योगी, आशा फैसिलिटेटर नीलम देवी सहित धनकौल क्षेत्र की सभी आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा फाइलेरिया मरीजों को हाथी पांव की नियमित सफाई, सूजन को कम करने के उपाय तथा संक्रमण से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर देखभाल और साफ-सफाई अपनाने से इस बीमारी के दुष्प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रोग्राम लीड रोहित कुमार ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। मरीजों को नियमित उपचार और साफ-सफाई बनाए रखने की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि एमएमडीपी किट मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और इससे उन्हें दैनिक देखभाल में सुविधा मिलेगी।
वहीं बीडीएस अमरेंद्र कुमार सिंह ने किट में उपलब्ध सामग्री जैसे साबुन, टॉवेल, एंटीसेप्टिक और अन्य उपकरणों के उपयोग की विधि का प्रदर्शन कर मरीजों को व्यावहारिक जानकारी दी।
पिरामल स्वास्थ्य के कार्यक्रम पदाधिकारी नवीन मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मरीजों को आत्मनिर्भर बनाना और बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम के अंत में सभी मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई तथा उन्हें नियमित देखभाल की सलाह दी गई। साथ ही मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
