
जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने प्रखंडवार एवं विभागवार समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आम नागरिकों से प्राप्त सभी आवेदनों का शिविर तिथि से पूर्व नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा शिविर स्थल पर ही आवेदकों को सेवा अथवा निष्पादन की सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

जिलांतर्गत 23 पंचायतों में 19 मई को प्रथम चरण के सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस तिथि के कैंप के लिए अब तक जिले में कुल 7330 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3530 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ज्ञातव्य हो कि सहयोग शिविर के सफल संचालन के लिए जिला अंतर्गत 48 विभागों के 73 अधिकारियों का यूजर आईडी सृजित किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन कर मामलों का शीघ्र निष्पादन कर अपलोड करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को प्रखंड और जिला कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें तथा पंचायत स्तर पर ही उन्हें सेवाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी 373 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से सहयोग शिविर आयोजित करने की विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी दी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 मई को 23 पंचायतों में, 2 जून को 23 पंचायतों में, 16 जून को 23 पंचायतों में, 30 जून को 23 पंचायतों में, 7 जुलाई को 47 पंचायतों में, 21 जुलाई को 47 पंचायतों में, 11 अगस्त को 47 पंचायतों में, 25 अगस्त को 47 पंचायतों में, 8 सितंबर को 47 पंचायतों में तथा 22 सितंबर को 46 पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर से पूर्व संबंधित पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग आवेदन दे सकें और उन्हें योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि शिविर के दिन प्राप्त मामलों के निष्पादन से संबंधित सेवाएं ऑन द स्पॉट उपलब्ध कराई जाएंगी।
आम नागरिकों की सुविधा के लिए सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 तथा सहयोग पोर्टल sahyog.bihar.gov.in भी लॉन्च किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्पलाइन एवं पोर्टल के माध्यम से लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं एवं सुझाव आसानी से दर्ज करा सकेंगे और उनके निष्पादन की निगरानी भी की जाएगी।
बैठक में भूमि विवाद से संबंधित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालयों में भूमि विवाद से संबंधित मामलों की सुनवाई अनिवार्य रूप से की जाए, जिसमें अंचल अधिकारी एवं संबंधित थानाध्यक्ष अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल माह में जिले के विभिन्न अंचलों में भूमि विवाद से संबंधित कुल 10332 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 10202 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी प्रत्येक 15 दिन पर संयुक्त रूप से भूमि विवाद मामलों की समीक्षा एवं सुनवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को जनता दरबार एवं लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

भारत जनगणना 2027 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। समीक्षा में पाया गया कि जिले के कुल 9149 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) में से अब तक 68 एचएलबी का कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक 4 लाख 64 हजार 629 हाउसहोल्ड को कवर करते हुए 21 लाख 79 हजार 776 आबादी की गणना की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने शेष क्षेत्रों में कार्य की गति बढ़ाने तथा समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में मद्यनिषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। उत्पाद विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा में पाया गया कि विगत चार माह में मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा 6852 छापेमारी की गई, जिसमें 795 मामले दर्ज किए गए तथा 1079 लोगों की गिरफ्तारी की गई। इस दौरान 105 वाहनों को जब्त किया गया तथा कुल 78 हजार 720.460 लीटर शराब बरामद की गई। बरामद शराब का 98.16 प्रतिशत विनष्टीकरण भी कर दिया गया है।
वहीं पुलिस विभाग द्वारा पिछले चार माह में 3612 छापेमारी अभियान चलाए गए, जिसमें 748 मामले दर्ज किए गए तथा 795 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इस दौरान 152 वाहन जब्त किए गए तथा 76 हजार 527.288 लीटर शराब बरामद की गई। पुलिस विभाग द्वारा जब्त शराब का 99 प्रतिशत विनष्टीकरण कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शराबबंदी कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा नियमित छापेमारी अभियान जारी रखने का निर्देश दिया।
जिले में फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निबंधन एवं ई-केवाईसी अत्यंत आवश्यक है। समीक्षा में पाया गया कि जिले में अब तक 2 लाख 73 हजार 395 किसानों का निबंधन किया गया है, जिनमें 1 लाख 41 हजार 121 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हैं। वहीं जिले में कुल 4 लाख 55 हजार 975 किसानों का ई-केवाईसी किया गया है, जिसमें पीएम किसान योजना के 2 लाख 93 हजार 899 किसान शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व एवं जिला कृषि पदाधिकारी को क्षेत्र भ्रमण कर अधिक से अधिक किसानों का निबंधन एवं ई-केवाईसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण, धान अधिप्राप्ति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ किसानों को इसी आधार पर दिया जाना है। इसलिए जिला से लेकर पंचायत स्तर तक के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को किसानों के हित में गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया।
