
पीएम सूर्य घर में मुजफ्फरपुर राज्य भर में बना नंबर दो
जिले के 60 गांव होंगे मॉडल सोलर गांव के रूप में विकसित
मुजफ्फरपुर,
5 मई 2026
जिले में आमजन की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा “सहयोग शिविर” का व्यापक आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के तहत जिले के 16 प्रखंडों की 23 पंचायतों में कैंप मोड में विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविरों की शुरुआत 19 मई से होगी, जबकि इसके लिए आवेदन 15 दिन पूर्व से ही पंचायत स्तर पर लिए जा रहे हैं। इसके बाद 2 जून, 16 जून और 30 जून को भी चयनित पंचायतों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का निराकरण कर सेवाएं प्रदान की जाएगी।
सहयोग शिविर की सफलता और व्यापक तैयारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रखंडवार एवं विभागवार प्राप्त आवेदनों की स्थिति का आकलन किया गया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि शिविर के दिन संबंधित पंचायत का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए, उस दिन जनता को पूर्व के आवेदन की सेवाएं सुलभ कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आम लोगों को प्रशासन से सीधे जोड़ने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनप्रतिनिधियों और विकास मित्रों के साथ समन्वय स्थापित कर शिविर की तैयारी को अंतिम रूप दें। साथ ही शिविर की तिथि और स्थान की व्यापक जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इन 23 पंचायतों में लगेंगे कैंप
19 मई को जिन 23 पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, उनमें बंदरा प्रखंड का बंदरा पंचायत, गायघाट का बरूआरी, कुढ़नी के सुमेरा एवं खरौनाडीह, मीनापुर का धरमपुर, मोतीपुर के महमदपुर महमदा एवं बांस घाट, मुरौल का मीरापुर, मुसहरी के जमालाबाद एवं झपहा, कांटी का वीरपुर, पारु का चांद केवारी, साहेबगंज का अहियापुर, सरैया के मधौल, दातापुर पंचभरिया, बोचहा का शर्मा, औराई के अतरार एवं मथुरापुर बुजुर्ग, मरवन का बड़का गांव उत्तरी, कटरा का हथौरी तथा सकरा के बाजी बुजुर्ग एवं सरमस्तपुर पंचायत शामिल हैं।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शिविर के दिन संबंधित पंचायत से जुड़ा कोई भी राजस्व मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए अपर समाहर्ता (राजस्व), डीसीएलआर तथा अंचलाधिकारी को अपने-अपने न्यायालय में लंबित मामलों का निष्पादन कर शिविर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। उस पंचायत के जनता दरबार का भी कोई मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि उस दिन प्रत्येक विभाग की जवाबदेही तय होगी और जनता को तत्काल सेवा प्रदान करना प्राथमिकता होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं शिविरों का निरीक्षण करेंगे और कार्यों की गुणवत्ता का आकलन करेंगे। उन्होंने प्रखंडों के जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी को कैंप प्रभारी बनाया है। इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शिविर के आयोजन से पूर्व कम से कम पांच दिनों तक संबंधित पंचायत का दौरा करें, स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बैठक करें और सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करें। साथ ही पंचायत स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को शिविर के प्रति जागरूक करें।
जिलाधिकारी ने शिविर के लिए प्राप्त आवेदनों के डिजिटलीकरण पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आवेदनों को स्कैन कर व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए, ताकि उनकी मॉनिटरिंग और निस्तारण में पारदर्शिता बनी रहे। सोमवार को जिलेभर में कुल 139 आवेदन प्राप्त हुए, जो इस अभियान के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बिना उनकी अनुमति के किसी भी प्रखंड स्तरीय अधिकारी या कर्मी की प्रतिनियुक्ति अन्यत्र नहीं की जाएगी। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का आयोजन लगातार तब तक किया जाएगा, जब तक जिले की सभी पंचायतों को इससे आच्छादित नहीं कर लिया जाता।
सहयोग शिविर के प्रभावी संचालन के लिए उप विकास आयुक्त को नोडल पदाधिकारी तथा डीआरडीए निदेशक को सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को प्रतिदिन समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि जिले में सोलर पैनल स्थापना के लिए अब तक 3916 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1202 घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ मुजफ्फरपुर ने राज्य के 36 जिलों को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है, जो जिले के लिए गर्व का विषय है।
जिलाधिकारी ने सोलर योजना को और गति देने के लिए आगामी सोमवार को समाहरणालय सभागार के ऊपरी तल पर विशेष “लोन मेला” आयोजित करने का निर्देश दिया है। इस मेले में बैंकर्स, उपभोक्ता और बिजली विभाग के अधिकारी एक मंच पर उपस्थित रहेंगे, ताकि सोलर पैनल स्थापना में आने वाली वित्तीय एवं तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
उन्होंने बिजली विभाग के कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में जाकर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क स्थापित करें और उन्हें सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही प्रत्येक प्रखंड से पांच गांवों का चयन कर पूरे जिले के 60 गांवों को “मॉडल सोलर गांव” के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू करने को कहा गया। इसके लिए चयनित गांवों की सूची सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविर और सोलर योजना जैसी पहलें न केवल लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि प्रशासन की ये पहल आम जनता के लिए वास्तव में लाभकारी सिद्ध हो सकें।
