
आयुक्त ने रोगी कल्याण समिति की बैठक कर दिया आवश्यक निर्देश
मुजफ्फरपुर,
21 अप्रैल 2026
उत्तर बिहार के सबसे बड़े एवं प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर स्वास्थ्य सेवाओं को त्वरित, प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं पूरी तरह मरीजोन्मुखी बनाने की दिशा में आयुक्त ने ठोस पहल की है। इस क्रम में तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह ने एसकेएमसीएच में रोगी कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अस्पताल के समग्र प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और मरीजों को सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त ने कहा कि एसकेएमसीएच केवल मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर बिहार के लिए एक प्रमुख एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या अन्य जिलों से आने वाले मरीजों की भी होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि अस्पताल में सभी स्वास्थ्य सेवाएं सरकारी मानकों के अनुरूप, सरल, सुलभ और त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों और उनके परिजनों का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आयुक्त ने अस्पताल प्रबंधन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक उपाय सुझाए। उन्होंने अस्पताल परिसर में आधुनिक ‘कियोस्क’ स्थापित करने पर विशेष बल दिया, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे फीडबैक प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से अस्पताल के संचालन में कमियों की पहचान कर समय रहते सुधार किया जा सकेगा और सेवाओं को और अधिक जनोपयोगी बनाया जा सकेगा।
बैठक में आयुक्त ने सभी लंबित परिवाद पत्रों का निष्पादन 15 दिनों के भीतर हर हाल में सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का त्वरित समाधान ही बेहतर प्रशासन की पहचान है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने ओपीडी और आकस्मिकी वार्ड के बाहर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। इन बोर्डों पर रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के नाम एवं उनकी उपलब्धता का समय प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे मरीजों को सही जानकारी मिल सके और अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त हो। उन्होंने कहा कि इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और मरीजों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि अस्पताल परिसर में मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए विश्राम सदन उपलब्ध हैं, लेकिन उनके संचालन में और सुधार की आवश्यकता है। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिया कि विश्राम सदनों का संचालन जीविका समूहों अथवा किसी सक्षम बाह्य एजेंसी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
आयुक्त ने अस्पताल में कंट्रोल रूम की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उसे 24×7 सक्रिय रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तीन पालियों में कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा सभी गतिविधियों का विधिवत पंजी संधारित किया जाए। इसके साथ ही कंट्रोल रूम की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए, ताकि इसकी कार्यक्षमता बनी रहे। बैठक में जानकारी दी गई कि एसकेएमसीएच के कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 0621-2231202 है, जिसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान अस्पताल में 30 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू तैयार होने की जानकारी दी गई। इस पर आयुक्त ने इसके शीघ्र संचालन के लिए आवश्यक चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल कर्मियों की मांग संबंधित विभाग से करने का निर्देश दिया, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
आयुक्त ने अस्पताल के डॉक्टरों एवं अधीक्षक को हमेशा अलर्ट रहने और मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई सीधे मरीजों के जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए सभी चिकित्सक एवं कर्मी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाएं।

बैठक में यह भी बताया गया कि भारत सरकार द्वारा अस्पताल के क्षमता वर्धन के लिए उच्च कोटि के आधुनिक चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। आयुक्त ने इन उपकरणों को शीघ्र स्थापित करने के लिए बिहार मेडिकल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
मीडिया से बातचीत करते हुए आयुक्त ने कहा कि अस्पतालों के सरकारी मार्गदर्शिका के अनुरूप कुशल प्रबंधन एवं सुचारु संचालन के उद्देश्य से जिला अस्पताल से लेकर PHC,APHC, CHC, HWC तक के अस्पतालों का विशेष अभियान चलाकर नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की प्रक्रिया की जा रही है। इसके द्वारा डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति से लेकर सरकारी सुविधा की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो।
बैठक के पूर्व आयुक्त ने अस्पताल के इमरजेंसी एवं ओपीडी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और अस्पताल की सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया। अधिकांश मरीजों एवं उनके परिजनों ने अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने डॉक्टरों को सरकारी मानकों के अनुरूप निर्धारित यूनिफॉर्म कोड का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल अनुशासन बना रहेगा, बल्कि मरीजों को भी डॉक्टरों की पहचान करने में सुविधा होगी और अस्पताल की प्रतिष्ठा एवं गरिमा कायम रहेगी।
इसके अतिरिक्त आयुक्त ने अस्पताल परिसर एवं मुख्य गेट के आसपास अतिक्रमण हटाने, परिसर स्थित पार्क का सौंदर्यीकरण करने तथा मरीजों और उनके परिजनों के लिए मानक अनुरूप शेड निर्माण कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित वातावरण मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में भी सहायक होता है।

अंत में आयुक्त ने कहा कि एसकेएमसीएच का कुशल प्रबंधन और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समन्वय बनाकर कार्य करें और अस्पताल को एक आदर्श, आधुनिक एवं मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन नगर आयुक्त श्री ऋतुराज प्रताप सिंह अस्पताल अधीक्षक डॉ प्रोफेसर महेश प्रसाद, प्रिंसिपल एसकेएमसीएच डॉ प्रो. विभा देवी, आयुक्त के सचिव श्री संदीप शेखर प्रियदर्शी सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
