जनसुराज पार्टी ने नवादा जिला में राशन उपभोक्ताओं के दरम्यान घटिया किस्म के सड़े हुए चावल की आपूर्ति किये जाने का आरोप लगाते हुए इस की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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              पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सैयद मसीह उद्दीन ने राज्य के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत को प्रेषित ज्ञापन में उल्लेख किया है कि बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक और सहायक गोदाम प्रबंधकों तथा आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की सांठ-गांठ से अच्छे किस्म के प्राप्त चावलों की रि-पैकेजिंग करके उपभोक्ताओं के दरम्यान ऐसे घटिया चावलों का वितरण किया जा रहा है  जो खाने के योग्य नहीं है।
        उक्त ज्ञापन में बताया गया है कि नवादा औधोगिक क्षेत्र में अवैध ढ़ंग से संचालित एक खाद्य गोदाम में अच्छे चावल की छंटाई और सरकारी बोरों में सड़े हुए चावलों की रि-पैकेजिंग करके उन्हें ट्रकों के माध्यम से विभिन्न प्रखंडों के राज्य खाद्य निगम के गोदामों में भेजा जा रहा है जहां से यह राशन की दुकानों में पहुंचा कर उपभोक्ताओं को बांटा जा रहा है।
         ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नवादा के औधोगिक क्षेत्र में एक महिला के नाम पर औधोगिक  गतिविधि के लिए बियाडा की जमीन लीज पर आवंटित कराकर उसमें गोदाम बनवा कर उक्त गोदाम बिहार राज्य खाद्य निगम को भाड़ा पर दे दिया गया है और इस तरह न केवल किराया के नाम पर सरकारी राशि वसूल की जा रही है बल्कि चावलों की हेरा-फेरी का सारा रैकेट इस गोदाम परिसर में अंजाम दिया जा रहा है।इस रैकेट में अच्छे चावलों को इसी औधोगिक परिसर के एक निजी चावल मिल को देकर आकर्षक बैगों में उसकी पैकेजिंग करायी जाती है और यह चावल पंसारी दूकानों में 50 से 70 रूपये किलो बाजार में बेचने के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
         उन्हों ने बताया कि हसुआ के स्थानीय विधायक श्री अनिल सिंह ने स्थानीय लोगों और राशन दूकानदारों की शिकायत पर 12 अप्रैल को नरहट प्रखंड परिसर में स्थित राज्य खाद्य निगम का मुआयना किया था जिस में सड़े-गले घटिया चावल की आपूर्ति किये जाने,प्रत्येक बोरे में 51 किलोग्राम के स्थान पर 43 किलोग्राम चावल रहने तथा बोरे की लोकल मैनुअल सिलाई रहने का घपला प्रकाश में आया था जिस की 13 अप्रैल को एक टीम ने जांच की है।जांच टीम के समक्ष दर्जनों राशन दूकानदारों और स्थानीय लोगों ने गंभीर अनियमित्ता की पुष्टी है और इस जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि पूरे जिले में योजनाबद्ध तरीके से " अनाज घोटाला " का रैकेट चल रहा है।