
रामपुर मनिहारान/सहारनपुर/उप्र/प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र पर राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी के पांचवें स्मृति दिवस को “दिव्यता दिवस” के रूप में श्रद्धा, योग-साधना और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया।
रिपोर्ट वैभव गुप्ता।
बुधवार को सेवा केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति और राजयोग ध्यान से हुआ। इस अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके संतोष दीदी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 1 जुलाई 1921 को हुआ था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ईश्वर की स्मृति, आध्यात्मिक सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। दादी जी ने ब्रह्माकुमारी संस्था के माध्यम से लाखों लोगों को राजयोग का मार्ग दिखाकर शांति, प्रेम और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी। 11 मार्च 2021 को उन्होंने देह त्याग दी। लेकिन उनके दिव्य संस्कार और शिक्षाएं आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।
इस अवसर पर सरिता बहन और संगीता बहन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दादी हृदयमोहिनी जी का जीवन सादगी, सेवा और आध्यात्मिकता की अद्भुत मिसाल है। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने योगसाधना कर दादी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान
जगपाल भाई, सुरेश भाई, आत्माराम, राजकुमार , सुरेश चौधरी, जितेंद्र प्रधान, सुभाष शर्मा, पवन रोहिल्ला, कमलेश, नीरज बहन, कान्ता तथा विशेष रूप से सुशील भाई सहित काफी संख्या में भाई-बहनों की उपस्थिति रही।

