अपहरण कर दुष्कर्म मामले में पोक्सो न्यायालय ने दोषी को 12 साल का सुनाई सजा।

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पिड़िता को पुनर्वास हेतु 4 लाख सहायता राशि देने का प्राधिकार को दिया निर्देश।

जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।

जहानाबाद -जिले के न्यायालय ने नाबालिक किशोरी के अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी दीपू कुमार उर्फ अमन कुमार के सजा के बिंदु पर शनिवार को खचाखच भरे न्यायालय कक्ष में सुनवाई पूरा करने के उपरांत पॉकसो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह की अदालत ने धारा 4 के तहत 12 साल का कठोर कारावास एवं ₹20000 भुगतान करने का फैसला सुनाया l इतना ही नहीं भादवि की धारा 366 के तहत दोषी दीपू कुमार को 7 साल का कठोर कारावास एवं ₹5000 अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया ।अर्थ दंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर क्रमशः 6 एवं 3 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा l विशेष अदालत के न्यायाधीश ने पीड़िता के राहत एवं पुनर्वास के लिए पीड़ित प्रतिकर अधिनियम के तहत ₹400000 सहायता राशि प्रदान करने का भी निर्देश दिया हैl उपरोक्त बातों की जानकारी विशेष लोक अभियोजक मुकेश नंदन वर्मा ने दिया है l उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़िता के पिता ने काको थाना में दीपू कुमार समेत कई लोगों को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज कराया था l दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिक लड़की 10 नवंबर 2022 को सुबह 4:30 बजे शौच के लिए घर से बाहर गई थी जो लौटकर घर वापस नहीं आई तब खोजबीन करने लगे l खोजबीन के दरम्यान पता चला कि दीपू कुमार ने मेरी नाबालिक लड़की को बहला फुसला कर शादी करने या गलत काम करने के नियत से अपहरण कर लिया हैl इस बात को लेकर जब पूछताछ करने उसके घर पर गए तो दीपू कुमार के माता-पिता भाई-बहन- समेत दो अज्ञात लोगों ने कहा कि हम लोगों ने ही तुम्हारी बेटी का अपहरण किया है उसकी शादी दीपू से करेंगेl अनुसंधानकर्ता ने इस मामले में आरोपी दीपू कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था l विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से सूचक चिकित्सक अनुसंधानकर्ता समेत आरोप पत्र के गवाहों की गवाही कराई गई थी l
वहीं दूसरी ओर
बीते 18 फरवरी 2026 को अरवल महिला थाना से संबधित एक अन्य मामले में पॉक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह की अदालत ने दुष्कर्म मामले में दोषी करार सुधीर कुमार को पॉक्सो की धारा 6 के तहत 20 साल का कठोर कारावास एवं ₹10000अर्थ दंड भुगतान करने का फैसला सुनाया l अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा l इस मामले में पीड़िता के परिजनों के द्वारा अरवल महिला थाना में प्राथमिक दर्ज कराया गया था ।