
स्कूल के बच्चों में वैज्ञानिक बनने की गुण -अनुम॑डल पदाधिकारी
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।
जहानाबाद -जिले के मानस इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी एवं फूड फेस्टिवल ने शिक्षा, नवाचार और रचनात्मकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिंह, साइंस सोसाइटी के शैक्षणिक प्रमुख तथा स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण दीपक, स्वामी सहजानंद महाविद्यालय की केमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति रानी, मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा तथा निदेशक निशांत रंजन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया ।
उद्घाटन के पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिंह ने विज्ञान प्रदर्शनी का विस्तृत अवलोकन किया।

ट्रैफिक व्यवस्था पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें स्मार्ट सिग्नल प्रणाली, दुर्घटना नियंत्रण तंत्र और आधुनिक यातायात प्रबंधन के उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया । इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, डिजिटल सुरक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों पर तैयार मॉडलों की भी उन्होंने सराहना की। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने फूड फेस्टिवल में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठाया और उनकी गुणवत्ता, संतुलन एवं स्वच्छता की प्रशंसा की।
डॉ. प्रवीण दीपक ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और प्रयोगात्मक क्षमता की सराहना की तथा कहा कि ऐसे मॉडल भविष्य में बड़े स्तर पर विकसित किए जा सकते हैं। डॉ. प्रीति रानी ने कहा कि विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित करना है और विद्यार्थियों ने अपने प्रयासों से इसे प्रमाणित किया है।

कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली संबोधन चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा का रहा। उन्होंने अपने ओजस्वी एवं दूरदर्शी वक्तव्य में कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र, चिंतन और नेतृत्व क्षमता के निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का नहीं, नवाचार का युग है, और जो विद्यार्थी समस्याओं को अवसर में बदलना सीख जाते हैं, वही भविष्य के निर्माता बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानस इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल का लक्ष्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल परीक्षा के लिए न पढ़ें, बल्कि जीवन के लिए सीखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन जैसे मॉडल यह दर्शाते हैं कि विद्यार्थी समाज की वास्तविक समस्याओं को समझ रहे हैं और समाधान खोजने की दिशा में सोच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाला समय उन्हीं का है जो ज्ञान को कर्म में बदलते हैं। उनके शब्दों ने पूरे सभागार में जोश, आत्मविश्वास और प्रेरणा की नई लहर पैदा कर दी।
निदेशक निशांत रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों को ऐसा मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ वे अपनी कल्पनाशीलता को वास्तविक रूप दे सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी जैसे आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, अनुशासन और समस्या समाधान की सोच विकसित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का वास्तविक अर्थ तभी सिद्ध होता है जब विद्यार्थी समाज की चुनौतियों को समझकर उनके समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए मेडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संजीव कुमार, मनीष कुमार, प्रियंका कुमारी, रवि कुमार, अरविंद कुमार सहित शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया।
