मुजफ्फरपुर के बेला औद्योगिक क्षेत्र में बृहद जलाशय का होगा सौंदर्यीकरण, जॉगिंग ट्रैक, फब्बारा व पार्क निर्माण के निर्देश

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जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की पहल: औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं पर विशेष जोर

बेला औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमी संवाद कार्यक्रम, आधारभूत संरचना विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
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मुजफ्फरपुर।
19 फरवरी, 2026


अपने नियमित निरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने गुरुवार को बेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बृहद जलाशय का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलाशय को पर्यावरणीय, सौंदर्यात्मक एवं जनोपयोगी दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल निकाय के चारों ओर व्यवस्थित जॉगिंग ट्रैक का निर्माण कराया जाए, आकर्षक फव्वारों की स्थापना की जाए, समुचित लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में सीटिंग चेयर लगाई जाए।



जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत उद्यमियों, श्रमिकों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए एक स्वच्छ, हरित एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जलाशय के चारों ओर सघन वृक्षारोपण, सौंदर्यीकरण एवं लाइटिंग कार्य कराने का निर्देश दिया, ताकि यह क्षेत्र सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने तथा प्रकृति का आनंद लेने के लिए उपयुक्त स्थल के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि जलाशय के ठीक सामने खाली पड़ी भूमि पर एक सुव्यवस्थित, हरा-भरा पार्क विकसित किया जाए, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण पर्यावरण के अनुकूल और आकर्षक बन सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत सभी आयु वर्ग के लोगों—युवा, महिला, बुजुर्ग एवं बच्चों—के लिए एक समग्र सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक अवसंरचना का संतुलित विकास भी अत्यंत आवश्यक है। यदि कार्यस्थल के समीप ही लोगों को स्वच्छ एवं हरित परिवेश मिलेगा, तो इससे उनकी कार्यक्षमता एवं मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।



निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जल निकाय को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय भी किए जाएं। जलाशय के चारों ओर सौंदर्यीकरण के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया, ताकि यह स्थल लंबे समय तक जनोपयोगी बना रहे।

जलाशय निरीक्षण के उपरांत जिला पदाधिकारी ने बेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बियाडा सभागार में उद्यमी संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। संवाद कार्यक्रम में बियाडा के डीजीएम द्वारा अवगत कराया गया कि औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत संरचना के निर्माण हेतु 12 फरवरी से कार्य प्रारंभ हो चुका है। फिलहाल प्रारंभिक चरण में भूमि समतलीकरण का कार्य प्रगति पर है। आने वाले चरणों में सड़क, जल निकासी, विद्युत व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास का कार्य किया जाएगा।



जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों के हित में सभी आवश्यक सुविधाएं यथासंभव शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं, ताकि औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

संवाद कार्यक्रम के दौरान कई उद्यमियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें समयबद्ध तरीके से सूचित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता एवं जवाबदेही प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए प्रत्येक आवेदन की प्रगति से संबंधित जानकारी संबंधित उद्यमी को उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बियाडा में आयोजित संवाद कार्यक्रम के अतिरिक्त भी कोई उद्यमी अपनी सुविधा अनुसार सोमवार अथवा शुक्रवार को कार्यालय अवधि में सीधे उनसे मिलकर आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर है और हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उद्यमी संवाद कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावी बताते हुए कई उद्यमियों ने जिलाधिकारी की इस महत्वपूर्ण पहल की सराहना की। उनका कहना था कि नियमित संवाद से न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पा रहा है, बल्कि प्रशासन और उद्यमियों के बीच विश्वास एवं समन्वय भी मजबूत हुआ है। उद्यमियों ने कहा कि इस पहल से औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास को नई गति मिली है और निवेश का माहौल भी बेहतर हुआ है।

कुल मिलाकर, बेला औद्योगिक क्षेत्र में जलाशय एवं पार्क विकास की पहल तथा उद्यमियों के साथ सतत संवाद की व्यवस्था से यह स्पष्ट है कि जिला प्रशासन औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन एवं जनसुविधाओं के समन्वित विकास के प्रति गंभीर है। यह पहल न केवल औद्योगिक क्षेत्र की छवि को सुदृढ़ करेगी, बल्कि इसे एक आदर्श, हरित एवं आधुनिक औद्योगिक परिसर के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।