
– सलेस्फोर्स, बाल रक्षा भारत एवं बीएसडीएमए की संयुक्त पहल
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
क्षेत्र में जारी शीतलहर को देखते हुए सलेस्फोर्स के सहयोग से बाल रक्षा भारत (सेव द चिल्ड्रेन), बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकर एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संयुक्त तत्वावधान में राहत अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत मोतिहारी प्रखंड के बरदाहा पंचायत में अत्यंत कमजोर एवं वंचित वर्गों को ठंड से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 210 शीतकालीन किट (विंटर किट) का वितरण किया गया।
सामुदायिक सहभागिता से लाभार्थियों की सटीक पहचान
इस राहत अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शी और समुदाय-आधारित लाभार्थी चयन प्रक्रिया रही। वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान हेतु पंचायत स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया। जिसमें पंचायत के मुखिया, ग्राम आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा सामुदायिक टास्क फोर्स टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समन्वय के माध्यम से बच्चों, किशोरों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, दिव्यांगजनों, विधवाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता देते हुए लाभार्थियों की सूची तैयार की गई।
– युवाओं की भागीदारी से सशक्त हुआ अभियान
वितरण कार्यक्रम का नेतृत्व बाल रक्षा भारत की टीम, स्थानीय मुखिया एवं ग्राम आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों ने किया। इस मानवीय प्रयास में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के समाज कार्य विभाग के छात्रों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। छात्रों ने श्रमदान कर वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाया और सहायता सामग्री समय पर लाभार्थियों तक पहुँचाने में सहयोग किया।
प्रतिनिधियों का वक्तव्य
इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि शीतलहर को देखते हुए यह पहल अत्यंत आवश्यक थी। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे, महिला या बुजुर्ग के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
उन्होंने आगे बताया कि “यह कार्यक्रम स्ट्रेंथ डीजास्टर रीजीलिंस थ्रु नन प्रॉफिट नामक व्यापक विकास परियोजना का अहम हिस्सा है। जिसका उद्देश्य समुदायों को आपदाओं एवं मौसमी प्रतिकूलताओं के प्रति अधिक सक्षम, सजग और सुरक्षित बनाना है।
वितरण कार्य के दौरान मुखिया मोहन सहनी, उप-मुखिया सिकंदर सहनी, वार्ड सदस्य रामायण सहनी, वीरेंद्र राम, झलिया देवी, लखिन्द्र सहनी, जयप्रकाश सहनी, वीरेंद्र माझी, बाल रक्षा भारत (सेव द चिल्ड्रेन) के प्रतिनिधि, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के एमएसडब्ल्यू छात्र एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
बाल रक्षा भारत एवं सहयोगी संस्थाओं ने भविष्य में भी इस प्रकार की आपदा-पूर्व तैयारी और राहत गतिविधियों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

