
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।
जहानाबाद -जिले के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् , राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित दंपति डॉ एस. के. सुनील एवं डॉ. इंदु कश्यप ने अपने दिवंगत पिता के श्राद्ध कर्म के पश्चात हरिद्वार में अस्थि कलश विसर्जन सह श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद गुरुवार को प्रयागराज में अखंड सह श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रयागराज के सेक्टर -6 रामानुज मार्ग स्थित वैष्णो सेवा आश्रम लक्ष्मी नारायण मंदिर आचार्य शिविर परिसर में आखिल भारतीय रामानुज वैष्णव प्रबंध समिति प्रयागराज मेला के महामंत्री डॉ कौशलेंद्राचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में श्रद्धांजलिसभा सह संतसम्मेलन भंडारा एवं 250 साधुसंतो के बीच कम्मल का वितरण किया गया। दिवंगत आत्मा के शांति के लिए हवन और अखंड भी आयोजित किया गया। इस दौरान उप महामंत्री 1008श्री स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ,स्वामी कौशलेंद्राचार्य, स्वामी रघुनंदनाचार्य प्रयाग राज श्री स्वामी चक्रपाणि जी महराज, स्वामी अनुरुद्धाचार्य ,श्रीस्वामी रंजन जी महाराज लक्ष्मण भवन अयोध्या, स्वामी मसुदनाचार्य पैरो, स्वामी राघवेंद्राचार्य , स्वामी परशुरामाचार्य तारेतपाली स्वामी शशि जी महाराज मंगल भवन अयोध्या सहित बड़ी संख्या में साधु, संतों सहित डॉ एस. के. सुनील के प्रियजनों ने दिवंगत स्वर्गीय सियाराम शर्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित साधु संतों ने कहा सुनील बाबू कलयुग के श्रवण कुमार हैं जिनको अपने पितरों के रूप में श्रद्धेय माता पिता के पुण्य आत्मा के प्रति भी इतनी अटूट श्रद्धा है।

इस दौरान स्मृति शेष अपने माता पिता को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि माता पिता में ही ईश्वर का वास होता है। ईश्वर को लोग भाव और विश्वास के कारण आराध्य मानते हैं लेकिन माता पिता तो अपने अंश को जन्म देते हैं और उनका पालन करते हैं। इस रूप में मातृ- पितृ के ऋण से व्यक्ति कभी ऋण मुक्त नहीं हो सकता है। उन्होंने अपने माता पिता के मोक्ष प्राप्ति मिले और उनका आशीष परिवार पर हमेशा बनी रहे यह उनसे इस अवसर पर कामना है।

