चंपारण की खबर::”जी राम जी अधिनियम मनरेगा का विकसित स्वरूप, ग्रामीण अर्थव्यवस्था व पंचायती राज सुदृढ होगी : राधामोहन सिंह

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मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के तत्वावधान में आज महात्मा गांधी प्रेक्षा गृह में विकसित ‘भारत जी राम जी’ अधिनियम- 2025 से संबंधित व्यापक जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।जिसमें सांसद राधा मोहन सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार, हरसिद्धि विधायक कृष्णनंदन पासवान, पिपरा के श्याम बाबू प्रसाद यादव, उप महापौर डॉ लालबाबू प्रसाद गुप्ता, राज्य मछुआरा आयोग अध्यक्ष ललन चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन राज, दीपक पटेल सहित डीडीसी डॉ प्रदीप कुमार, सहायक समाहर्ता प्रिया रानी, निदेशक डीआरडीए (एनईपी) डॉ कुंदन कुमार एवं जिला के मोतिहारी, कोटवा,पिपराकोठी, तुरकौलिया, चकिया प्रखंड के पंचायत स्तरीय जन प्रतिनिधिगण से लेकर प्रखंड प्रमुख तथा ग्रामीण विकास विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।


कार्यशाला के दौरान में उप विकास आयुक्त ने सभी अतिथिगण का स्वागत किया।


इस अवसर पर सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)एक्ट, 2025” विकसित गांव की संकल्पना को पूरा करने में सफल साबित होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के लिए कार्य कर रही है। यह अधिनियम विकसित भारत अभियान को और गति प्रदान करेगा।
सांसद ने बताया कि यह नया अधिनियम मनरेगा अधिनियम का ही विकसित रूप है जो एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करेगा। नए अधिनियम में बेरोजगारी भत्ता को लेकर कड़ा प्रावधान किया गया है। एक सप्ताह के अंदर अगर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो ठीक 15 दिन के बाद ब्याज के साथ मजदूरी का भुगतान होगा। इस अधिनियम में कार्य का दायरा भी बढ़ाया गया है। जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पंचायती राज व्यवस्था सुदृढ होगी। कहा कि जल से संबंधित ग्रामीण स्तर पर सभी कार्यक्रम, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, जीविका, प्रतिकूल मौसम में रिलीफ का कार्य, आपदा प्रबंधन आदि विषयों को भी इसमें शामिल किया गया है।
सांसद ने आह्वान किया कि आप सभी अच्छे से इस अधिनियम को पढ़ें और इसे आत्मसात करें। अच्छी जानकारी रखने पर ही इसका अच्छा परिणाम सामने आ पाएगा।
डीडीसी ने बताया कि संसद ने हाल ही में यह अधिनियम पारित किया है जो देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इस नए अधिनियम में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़कर 125 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को 125 दिनों की मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करेगा।
कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यों की योजन ग्राम पंचायत के माध्यम से बनाई जाएगी, जिन्हें ग्राम पंचायत ही तैयार करेंगे।
नए अधिनियम में प्रशासनिक मद में भी राशि बढ़ाई गई है। इसकी सीमा 6 प्रतिशत से बढ़कर 9 फीसद कर दी गई है। जिससे ग्राम रोजगार सेवक, फील्ड अस्सिटेंट एवं तकनीकी सहायकों की सेवाएं सुरक्षित रह सकेगा।
जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम पदाधिकारी इस योजना के संचालन के उत्तरदाई होंगे। ग्राम सभा के माध्यम से ही इस संपूर्ण कार्यक्रम का नियमित सामाजिक अंकेक्षण भी किया जाएगा।
आज के कार्यशाला में निदेशक डीआरडीए एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) के द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारी/ कर्मीगण को व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।