
रतनी फरीदपुर प्रखंड मुख्यालय पर सरकारी पैसा का किया जा रहा दुरपयोग।
जहानाबाद -रतनी से धीरेन्द्र कुमार की रिपोर्ट।
जहानाबाद -रतनी – पुनः सत्ता में वापस लौटने पर एन डी ए की सरकार की म॑त्री द्वारा बड़े बड़े दावे किया जा रहा है कि बिहार में भ्रष्ट्राचार पर लगाम लगाने हेतु बृहद पैमाने पर काम किया जा रहा है। बिहार सरकार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु अपना प्रयास भी करने में लगे हुए हैं, लेकिन यैसा देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के आक॑ठ में डुबे लोग अपनी करतुत से वाज नहीं आ रहा है।
इसी कड़ी में मैं आज बात कर रहा हूं, जहानाबाद -जिले के रतनी फरीदपुर प्रखंड मुख्यालय की जहां करीब पांच वर्ष पूर्व, प्रखंड मुख्यालय के प्रांगण सहित अंचल अधिकारी के कार्यालय तक, तत्कालीन प्रमुख रहे धर्मशीला सिन्हा ने वर्ष 2018 में पंचायत समिति की राशी से पी सी सी का कार्य करवाई थी।
पुनः उसी पी सी सी पर,प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा कार्य कराने की बात सामने आई है।

नाम न छापने के सवाल पर कुछ पंचायत सचिव सदस्य एवं कुछ लोगों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए बताया कि जब पूर्व में ही पी सी सी कार्य किया गया है, और सही सलामत है, तो पुनः पी सी सी करने का कौन औचित्य है।उन लोगों ने बताया कि भ्रष्टाचार का बड़ा नमुना देखने को मिल रहा है। पंचायत समिति सदस्यों की अनदेखी कर भ्रष्टाचार का बढ़ावा दिया जा रहा है।इसपर रोक लगाने की आवश्यकता है।
इस बात की जानकारी लेने हेतु जब प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी से सम्पर्क किया गया तो,उनके द्वारा मोबाइल फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा गया।
सवाल यहां यह उठता है कि जब पूर्व से ही पी सी सी सही है तो पुनः पी सी सी कार्य करने का औचित्य क्या है। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा मोबाइल नही रिसिव करना भी कई सवाल खड़ा करता है।
मामला चाहे जो कुछ भी हो, लेकिन इतना तो तय है कि जिता जागता भ्रष्ट्राचार कहे या मनमानी ढंग से पैसा की निकासी करना कही न कही सरकारी राशी की बंदरबांट करने वाली बात सामने आ रही है।
