जहानाबाद सदर अस्पताल में पदस्थापित लिपिक अंजनी कुमार को, चतुर्थ श्रेणी में किया गया पदानवती। उच्च न्यायालय पटना के आदेश के आलोक में सिविल सर्जन ने ओकरी में योगदान करने का जारी किया निर्देश।

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जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।

जहानाबाद -पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में जहानाबाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। सदर अस्पताल जहानाबाद में कार्यरत लिपिक अंजनी कुमार को पदावनति करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ओकरी (मोदनगंज) में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पद पर पदस्थापित किया गया है।

उच्च न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई

CWJC No-7659/2003 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना ने 27 अगस्त 2010 को आदेश पारित किया था। इसी आदेश का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधोहस्ताक्षरी कार्यालय द्वारा जारी पूर्व आदेश (ज्ञापांक-949, दिनांक 02 जून 2011) को भूतलक्षी प्रभाव से क्रियान्वित किया गया है।

नक्सलवाद पीड़ित आश्रितों की नियुक्ति पर साफ संदेश

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नक्सलवाद अथवा उग्रवाद में मारे गए आश्रितों को तृतीय श्रेणी के पद पर न तो पहले और न ही वर्तमान में नियुक्ति या प्रोन्नति का कोई प्रावधान है। ऐसे में अंजनी कुमार, जिन्हें पूर्व में लिपिक के पद पर नियुक्त किया गया था, को नियमों के अनुसार पदावनत किया गया है।

नई पदस्थापना और वेतनमान

लिपिक पद से पदावनति के बाद अंजनी कुमार को चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के रूप में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ओकरी (मोदनगंज) में पदस्थापित किया गया है। चूँकि वे केवल प्रवेशिका उत्तीर्ण हैं, इसलिए उन्हें 4440-7440 रुपये वेतनमान के साथ ग्रेड वेतन 1800 रुपये ही देय होगा।

विभागीय हलकों में चर्चा

इस निर्णय ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बना दिया है। माना जा रहा है कि यह कदम आगे भी नक्सलवाद पीड़ित आश्रितों की नियुक्तियों के मामलों में मिसाल बनेगा।