
शिवाजीनगर/समस्तीपुर
प्रखंड अंतर्गत रानी परती पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय रानी परती के प्रांगण में शुक्रवार को तीन संकुलों रानी परती, शंकर पुर एवं जखर धरमपुर संकुल की सभी रसोईयों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड साधन सेवी पंकज रमाणी ने की, जबकि संचालन सत्यनारायण आर्य ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक एवं समिति सदस्य भी मौजूद रहे।प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक पंकज रमाणी ने रसोईयों को मध्यान भोजन योजना की प्रभावी क्रियान्वयन, स्वच्छता और गुणवत्ता की गारंटी पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में बच्चों में संक्रामक रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है, ऐसे में भोजन बनाने और परोसने की प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए।उन्होंने रसोईयों को निर्देशित किया कि रसोईघर में साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। रसोई के भीतर सांप, छिपकली, मेंढक व अन्य कीड़े-मकोड़े के प्रवेश को हर हाल में रोका जाए।

भोजन पकाने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि रसोईघर पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ है।खाद्य सामग्री जैसे चावल, दाल, मसाले और तेल की गुणवत्ता की गहन जांच करना आवश्यक बताया गया। साथ ही सभी खाद्य पदार्थों को बंद डब्बों में सुरक्षित रखने तथा रसोईघर के आसपास जलजमाव एवं घास-फूस की नियमित सफाई करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षक ने यह भी कहा कि बच्चों को भोजन परोसने से पूर्व अनिवार्य रूप से प्रधानाध्यापक, शिक्षक, समिति सदस्य और रसोईया स्वयं भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। इससे किसी भी प्रकार की शिकायत से बचा जा सकेगा और बच्चों को सुरक्षित भोजन मिल सकेगा।इसके अलावा, प्रशिक्षण में बच्चों को भोजन करने से पूर्व साबुन से हाथ धुलवाने को अनिवार्य करने का भी निर्देश दिया गया। इससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकेगा।कार्यक्रम में शामिल रसोईयों ने प्रशिक्षक की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और मध्यान भोजन योजना को सफल व गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प लिया। मौके पर शिक्षक सहित कई शिक्षकों और समिति सदस्यों की सक्रिय उपस्थिति रही।