
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
पूर्व मध्य रेल जोन का एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज यूनियन ( निबंधन संख्या -4065 ) ने पुरानी – पेंशन, बोनस के रेट में सुधार, आठवां वेतन आयोग गठन एवं कुछ अन्य मुद्दों को लेकर आगामी 13 अगस्त 2025 को पूरे पूर्व मध्य रेलवे जोन में ध्यानाकर्षण विरोध प्रदर्शन करेगी। यूनियन के केंद्रीय (जोनल) संयुक्त महासचिव रत्नेश वर्मा ने बताया कि इस बार का ध्यानाकर्षण विरोध – प्रदर्शन अनोखा और ऐतिहासिक होगा। जिस प्रकार 13 अगस्त 1947 को भारत छोड़ो आंदोलन के अंतिम चरण की अवस्था में देश को आज़ादी मिल गयी थी। ठीक उसी प्रकार सातवे वेतन आयोग के आधार पर बोनस का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना, आठवें बेतन आयोग का गठन, निजीकरण / निगमीकरण का विरोध आदि रेलवे कर्मचारी हितों के सभी मुद्दों के समर्थन में जन जागरूकता के द्वारा हासील किया जायेगा। कर्मियों का पेंशन, बोनस,वेतन बढ़ोत्तरी, ड्यूटी रोस्टर आदि मांगने कि चीज नहीं है। यह एक अधिकार है जिसे सरकार को स्वम लागु करना चाहिए। श्री वर्मा ने कहा कि ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन के केंद्रीय नेतृत्व ने आगामी 13 अगस्त को ध्यानाकर्षण दिवस का आह्वान किया है। जिसके समर्थन में ईसीआरईयू द्वारा पूरे रेल जोन में विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। रेलवे कर्मचारियों पर जबरदस्ती निजीकरण / निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 क़े सर्विस रिव्यू की पॉलिसी बनाई गयी है।सरकार ने पहले एनपीएस और अब यूपीएस ला दिया है। अब ओपीएस की चर्चा तक नहीं हो रही है। पूरे देश में एक ही पेंशन ब्यवस्था ओपीएस होनी चाहिए। आज देश क़े मजदूरों कि स्थिति बहुत हीं दयनीय है। कई प्राइवेट ठेका मजदूरों क़ो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पा रहा है।29 श्रम संहिताओं क़ो हटाकर केवल 04 चार लेबर कोड बील लाकर केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों पर कुठाराघात कऱ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मजदूरों क़े हित में नई श्रम नीति क़ो वापस लेने क़ी मांग क़ी। जन जागरूकता के दौरान सरकार क़ी मजदूर विरोधी नीतियों की जानकारी दी। श्री वर्मा ने कहा क़ी हमें एकमात्र पुरानी पेंशन प्रणाली यानि ओपीएस से कम कुछ भी मंजूर नहीं। रेलवे में कर्मचारियों की भारी कमी हैं। रेलकर्मी पर अत्यधिक कार्य का बोझ है। जिसक़े चलते हीं कर्मिगण लगातार रन -ओवर भी हो रहे हैं। हाल ही में 29 जुलाई 2025 को एनईआर वाराणसी मंडल के पिपरिडीह स्टेशन पर कार्य के दौरान सिग्नल सहायक अखिलेश कुमार ट्रेन नम्बर 14005 लीच्छवि एक्सप्रेस से रणओवर हो गए। इस तरह कि दुर्घटना – मौत लगातार हो रही है। रेल – लाइन पर कार्य करनेवाले सभी रेलकर्मी को जीवन रक्षक यन्त्र दिया जाना चाहिए तथा एक करोड़ क़े जीवन बीमा का प्रावधान हो। पॉइंट्स मैन, गेटमैंन 12 घंटे, सिग्नल आर्टिज़न स्टॉफ 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी रोस्टर हीं नहीं हैं। जहां नई रेलवे लाइन बनी है, गेज परिवर्तन, विद्युतिकरण हुआ है। वहां नए संशोधित बीओएस क़े अनुसार रेलकर्मियों कि भर्ती होनी चाहिए।