
अलीनगर (दरभंगा)।
प्रखंड मुख्यालय स्थित गांव में मंगलवार की शाम को एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म की शर्मनाक वारदात ने क्षेत्र को झकझोर दिया। लेकिन इस गंभीर घटना में अलीनगर थाना अध्यक्ष विनय मिश्रा और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आशुतोष कुमार की कुशल नेतृत्व व सक्रियता से महज 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता की सकुशल बरामदगी कर पुलिस ने सराहनीय मिसाल पेश की है।
घटना मंगलवार शाम करीब चार बजे की है, जब पंद्रह वर्षीय किशोरी अपने दुकान से लौटकर घर जा रही थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे मो. हिफजुर रहमान उर्फ आरजू नामक युवक, जो कि मो. मोतिउर रहमान का पुत्र है, ने उसका पीछा करते हुए जबरन बाइक पर बैठाकर श्यामपुर की दिशा में फरार हो गया। स्थानीय दुकानदार कुछ समझ पाते, इससे पहले ही अपहरणकर्ता किशोरी को लेकर भाग चुका था।

घटना की जानकारी मिलते ही किशोरी के पिता थाने पहुंचे और रोते-बिलखते हुए अलीनगर थाना अध्यक्ष विनय मिश्रा से बेटी की बरामदगी की गुहार लगाई। मिश्रा ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज (कांड संख्या 160/25) कर एक विशेष पुलिस टीम गठित की और रातभर विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी।
गुरुवार की सुबह अपहरणकर्ता के मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करते हुए पुलिस ने सटीक पिचिंग की। हालांकि, बार-बार मोबाइल बंद कर स्थान बदलने की कोशिश से पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः करीब सौ किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बेनीपुर थाना क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ ही पीड़िता को भी बरामद किया गया, जो उसी समय उसी कपड़ों में थी।
पुलिस हिरासत में किशोरी ने बताया कि उसे जानलेवा हथियार दिखाकर धमकाया गया, जबरन शादी का नाटक रचते हुए सिंदूर डाला गया और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। भय और धमकी के चलते वह चुप रही।

थानाध्यक्ष विनय मिश्रा ने बताया कि आरोपी आरजू एक अपराधी प्रवृत्ति का युवक है, जिस पर पहले से ही मारपीट, धमकी, लूटपाट और दंगा जैसे गंभीर आरोपों में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें वह जेल भी जा चुका है। दर्ज मामलों में कांड संख्या 15/16, 109/20, 111/20, 73/25, 93/25 और 128/25 शामिल हैं। आरोपी की आपराधिक गतिविधियों के कारण प्रखंड मुख्यालय लगातार विवादों में रहता रहा है।
इस कार्रवाई में एसडीपीओ आशुतोष कुमार के निर्देशन और थानाध्यक्ष विनय मिश्रा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जिस तत्परता, संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज़्म का परिचय दिया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए अलीनगर पुलिस की खुलकर सराहना की है।
यह घटना जहां एक ओर अपराधियों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्यशैली को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास को भी दृढ़ करती है।