
रोसड़ा (समस्तीपुर)
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार द्वारा आयोजित अखण्ड ज्योति यात्रा और माता भगवती शर्मा जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे जनजागरण अभियान के तहत ज्योति कलश रथ दो दिवसीय यात्रा के क्रम में मब्बी, महूली होते हुए हनुमान नगर पहुंचा। यहां आयोजक पंकज कुमार रौशन के नेतृत्व में हजारों ग्रामवासियों ने रथ का भव्य स्वागत किया।
सांध्यकाल में दीप यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों दीपकों की रौशनी से पूरा क्षेत्र दीपावली जैसा आलोकित हो उठा। इस अवसर पर भजन-कीर्तन और सामूहिक गायत्री मंत्र जप ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
रथयात्रा के साथ जिला संयोजक अमरकांत झा ‘अमर’, राकेश कुमार, उपजोन समन्वयक सुशील श्रीवास्तव, आदित्यनाथ झा, प्रखंड संयोजक शिव कुमार पौद्दार, सह संयोजक दीपक कुमार ठाकुर, मुख्य ट्रस्टी अरविंद प्रसाद, पुष्पांजलि देवी, राजकुमार वर्णवाल, मीडिया प्रभारी नितेश कुमार सर्राफ, आनंद बजाज, नंदलाल ठाकुर, राकेश कुमार, नंदू जी सहित अनेक परिजन मोटरसाइकिल काफिले के साथ यात्रा में सम्मिलित रहे।

भजनों की सुमधुर प्रस्तुति के बाद आदित्यनाथ झा ने दीप यज्ञ को संबोधित करते हुए कहा,
“आठ सौ वर्षों की गुलामी के दौरान हमारी भारतीय संस्कृति छिन्न-भिन्न हो गई थी। परम पूज्य गुरुदेव तपोनिष्ठ वेदमूर्ति श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने 26 वर्षों की हिमालयवासी तपस्या के उपरांत स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और देखा कि हिन्दू समाज जाति-पंथ में विभाजित है। उन्होंने समाज को संगठित करने के लिए गायत्री मंत्र को सर्वसुलभ बनाया और सामूहिक पूजा-पद्धतियों के माध्यम से एकता का संदेश फैलाया।”
उन्होंने आगे कहा कि आज यही परंपरा भेदभाव रहित सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान के रूप में कार्य कर रही है, जहां लोग बिना किसी जाति-लिंग भेद के सामूहिक यज्ञ, हवन, गायत्री जप कर रहे हैं। इस रथयात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, नारी जागरण, नशा उन्मूलन, पारिवारिक समरसता, और सप्त आंदोलन का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
प्रातः कालीन हवन-पूजन, जो प्रातः आरंभ होकर दोपहर 2 बजे संपन्न हुआ, के पश्चात पंकज कुमार रोशन के नेतृत्व में हजारों ग्रामवासियों ने भावपूर्ण विदाई दी। इसके उपरांत ज्योति कलश रथ अगली यात्रा के लिए विभूतिपुर के लिए प्रस्थान कर गया।