
पीने व दैनिक कार्यों में उपयोग हेतू महिलाओं को उठानी पड़ रही भारी परेशानी
रजौली
रजौली प्रखंड की लेंगुरा पंचायत का बिजवन गांव इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। नल-जल योजना के तहत लगाया गया जल मीनार पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ा है, जिससे लगभग 100 घरों और 800 लोगों की आबादी को दैनिक जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। गर्मी और उमस के इस मौसम में पानी की किल्लत ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है।
दैनिक कार्यों में महिलाओं को भारी परेशानी:-
गांव की महिलाओं के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। करुणा देवी और गायत्री देवी जैसी ग्रामीणों ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक वे पानी के जुगाड़ में लगी रहती हैं। खाना बनाने, कपड़े धोने और साफ-सफाई जैसे जरूरी कामों के लिए पानी न मिलने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। करुणा देवी ने बताया की ‘एक बाल्टी पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, और कभी-कभी वह भी नहीं मिलता है’।
चापाकलों पर भीड़, घंटों का इंतजार:-
पूरे गांव में इक्का-दुक्का चापाकल ही काम कर रहे हैं, जिन पर पानी भरने के लिए तड़के सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ग्रामीण गनौरी मिस्त्री, रामाधीन शर्मा और पिकेश कुमार ने बताया कि पानी की एक बाल्टी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार तो लोगों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती है। आदित्य प्रसाद ने कहा, ऐसा लगता है कि हम पत्थर युग में जी रहे हैं, जहां पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी नसीब नहीं।
पीएचईडी विभाग पर अनदेखी का आरोप:-
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) को इस समस्या से अवगत कराने के लिए कई बार शिकायतें की हैं। मौखिक रूप से और कुछ मामलों में लिखित रूप से भी शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी बार-बार की गुहार के बावजूद प्रशासन कान धरे बैठा है।लेंगुरा पंचायत के वार्ड संख्या 15 में 12 लाख रुपये की लागत से योजना संख्या 02/2018-19 के तहत बिजवन के पूर्वी भाग में स्थापित यह जल मीनार, जिसका उद्देश्य 100 घरों में निर्बाध पानी पहुंचाना था, आज केवल एक ‘शोभा की वस्तु’ बनकर रह गई है।
ग्रामीणों की मांग और आगे की राह:-
बिजवन के ग्रामीण अब प्रखंड व जिला प्रशासन से जल्द से जल्द जल मीनार की मरम्मत कराने और गांव में पानी की आपूर्ति सुचारु करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस गंभीर संकट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पीएचईडी विभाग को तत्काल हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को इस भीषण समस्या से निजात दिलानी होगी।
क्या कहते हैं अधिकारी:-
इस बाबत पीएचईडी कार्यपालक अभियंता सुजीत कुमार ने बताया कि लेंगुरा पंचायत के बीजवन गांव में खराब पड़े जल मीनार की जानकारी मिली है।कर्मियों को इसे ठीक करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं,जल्द ही सभी ग्रामीणों को पानी मुहैया करा दिया जाएगा।