चंपारण की खबर::रक्सौल डीएसपी की भूमिका संदिग्ध, जांच के बाद डीआईजी ने विभागीय कार्रवाई के लिए भेजा पत्र

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मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

पुलिसिंग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डीआईजी हरिकिशोर राय ने
रक्सौल के डीएसपी धीरेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा है। डीआईजी की जांच में डीएसपी की दलालों और भूमाफियाओं से साठगांठ, बिना स्थल निरीक्षण के केस पर्यवेक्षण और अन्य संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है।
यह कार्रवाई रक्सौल के एक कपड़ा व्यवसायी टुन्नू प्रसाद के आवेदन के आधार पर की गई। जिसमें उन्होंने डीएसपी और रक्सौल थानेदार राजीव नंदन सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाए थे। व्यवसायी ने आरोप लगाया था कि थानेदार ने उनसे 1.80 लाख रुपये का कपड़ा उधार लिया और भुगतान न करने पर झूठे अपहरण के केस में फंसा दिया। मामले की शिकायत डीआईजी से की गई थी। वहीं डीआईजी की इस सख्त कार्रवाई से रक्सौल सहित पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
डीआईजी हरिकिशोर राय ने मामले की जांच खुद की और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि डीएसपी के संपर्क में रहने वाले दो कथित दलालों का मोबाइल लोकेशन लगातार डीएसपी कार्यालय के आसपास पाया गया। हालांकि रुपयों के लेनदेन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन डीएसपी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके साथ ही यह भी सामने आया कि डीएसपी गंभीर आपराधिक मामलों में भी बिना घटनास्थल का निरीक्षण किए ही केस का पर्यवेक्षण कर रहे थे। डीएसपी कार्यालय में कार्यरत सिपाही नीरज कुमार की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। जिस पर कार्रवाई के निर्देश मोतीहारी एसपी को दिए गए हैं। वहीं डीएसपी द्वारा मोतिहारी में की गई जमीन खरीद की भी जांच की जा रही है।