
रिपोर्ट वैभव गुप्ता।
बुधवार को भाकियू पथिक के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने वीर विजय सिंह पथिक की 71 वीं पुण्य तिथि के मौके पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देकर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज चौधरी ने पथिक जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विजय सिंह पथिक का असली नाम भूप सिंह गुर्जर था लेकिन 1915 में लाहौर षडयंत्र के मामले में उनका नाम चर्चा में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर विजय सिंह पथिक कर लिया था। 1920 में बिजौलिया किसान आन्दोलन की शुरुआत की थी। पथिक जी के नेतृत्व में चलाए गए बिजोलिया किसान आंदोलन को इतिहासकार देश का पहला सत्याग्रह मानते हैं बिजौलिया किसान आन्दोलन से ब्रिटिश सरकार डर गई थी। राजस्थान में भी किसान आंदोलन की लहर से ब्रिटिश सरकार डर गई थी उनहोंने किसानों के 84 से से 35 लागते माफ कर दी थी। उन्होंने कहा कि वीर विजय सिंह पथिक स्वतंत्रता सेनानी से किसानों और युवाओं को प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। भारतीय किसान यूनियन पथिक सरकार से मांग करती है कि वीर विजय सिंह पथिक जी को भारत रत्न से सम्मानित कर उनके फोटो सरकारी कार्यालयों में लगाई जाएं। इस दौरान नीरज चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष, जोनी मुखिया, बिटटू चौधरी, रविन्द्र, विकास, आजाद पहलवान,अंकित, सत्यवीर, राकेश, मोनित, अशोक, सुशील, नीटू, प्रमोद, प्रिंश ,देवांश, राहुल, मोनू, संदीप,ओमपाल, आदि काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।