सहारनपुर/उप्र/रामपुर मनिहारान हिन्दू मुस्लिम युवा एकता समिति द्वारा आयोजित जश्ने अमन मलिक मुशायरे में शायरों ने देर रात तक एक से बढ़कर एक कलाम सुना कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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रिपोर्ट वैभव गुप्ता।


कस्बे के मौहल्ला कायस्थान स्थित शायर ताहिर मलिक के निवास पर आयोजित जश्ने अमन मलिक मुशायरे का उद्घाटन वरिष्ठ भाजपा नेता असलम मलिक व शुभम चौधरी ने संयुक्त रूप से किया।शमा रोशन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आस मोहम्मद सैफ़ी व तारिक़ रामपुरी ने की।सदारत मास्टर फुरकान अहमद व संचालन नसीम आज़ाद ने किया।मुशायरे का आग़ाज़ फुरकान अहमद फुरकान ने नाते पाक से किया।मेहमान शायर सैय्यद मोहम्मद राशिद ने अपना कलाम पेश करते हुए कहा “जर्रे पहाड़ चांद सितारे ज़मीं फ़लक़, रहमते ख़ुदा की है रहमत के हर्फ़ चार।आसिम पीरज़ादा ने कहा मेरा दिल है शोला है कि पत्थर रक्स करता है, बदन में जाने क्या है जो बराबर रक्स करता है।मशहूर शायर तारिक़ रामपुरी ने ख़ास अंदाज़ में कलाम पेश करते हुए कहा “आपने तमाम ग़म यूँ अयाँ कर रहा हूँ मैं, सजदों में हाल दिल का बयां कर रहा हूँ मैं।
ताहिर मलिक रामपुरी ने कहा “शजर हों या तकब्बुर से भरे सर टूट जाते हैं, जिन्हें झुकना नहीं आता वो अक्सर टूट जाते हैं।नसीम आज़ाद ने कहा “जुदाई में अहसास होता है ऐसा,मेरा दिल ये मेरा जिगर जल रहा है।युवा शायर तन्हा मलिक रामपुरी ने कुछ यूँ कहा “नाम ओ नसब हमारा मिटाने पे आ गया, दुश्मन खिसक खिसक के सरहाने पे आ गया।नूर रामपुरी ने कहा “चांदी के चार सिक्के तिजोरी में क्या हुए,लहजा बदल गया तेरी आदत बदल गई।युवा शायर अमन मलिक ने कहा “देख कर उस महज़बीं को दिल धड़कता है मेरा,इश्क़ मुझको हो गया है दुश्मने जानी के साथ,इसके अलावा फुरकान अहमद,शौक़त राही,ग़ालिब हबीब ने भी अपने कलाम पेश कर महफ़िल को रंगीन बना दिया। इस दौरान ईशु चौधरी, जतिन लक्की गुप्ता, चैनपाल सिंह,तौफ़ीक़ उमर, सभासद नफ़ीस सैफ़ी,अम्बर मलिक, ख़ुश मोहम्मद सैफ़ी,भूरा सैफ़ी,शाहबाज अंसारी,ज़ैद राय,वतन मलिक, अनीस अंसारी,अब्दुल्लाह सैफ़ी,अली सैफ़ी आदि काफी लोग मौजूद रहे।