
डाॅक्टर के अनुसार मेडिकल वेस्ट खतरनाक, नवजात पर पड़ता है अधिक असर।
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।
जहानाबाद – जिले के सदर अस्पताल कर्मियों का कारनामा देखने को मिल रहा है, जहां आए दिन अस्पताल का कचरा खुले में फेंक दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिन अस्पतालों में लोगों को नई जिंदगी मिलती है, बीमारियां दूर होती है, उन्हीं अस्पताल प्रबंधनों की लापरवाही के कारण लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

अस्पताल प्रबंधन महज कुछ रुपए बचाने के लिए नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अस्पताल से निकलने वाला मेडिकल कचरा या तो मरीज के पास फेंक देते है या नप के कंटेनर में डाल दे रहे हैं। यही नहीं अब तो कचरा सदर अस्पताल में ही मिलने लगा है। सदर अस्पताल में खुले जगहों पर ही मेडिकल वेस्ट फेंके जाने से मरीजों के लिए परेशानी हाे रही है। संक्रमण व बीमारी फैलने की आशंका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। अस्पताल में सभी जगहों पर मेडिकल वेस्ट फेंक दिया जाता है। बड़ी मात्रा में प्लास्टिक के सीरिंज, ग्लूकोज के बोतल, खून से सने सीरि॑ज , ग्लब्स तथा ऑपरेशन के उपयोग में लिए जाने वाले गाज-पट्टी भी यत्र-तत्र फेंक दिया जाता है। हैरत की बात तो यह है कि डॉक्टर इस बात को जानते हैं फिर भी अस्पताल में मेडिकल कचरा से पटा हुआ रहता है। मेडिकल कचरे से आम लोग ग॑दगी देख काफी परेशान रहते है।
